न क़सीदा न ग़ज़ल और न रुबाई लिखिए

सय्यदा फ़रहतसय्यदा फ़रहत1 Apr 1938 – 11 Feb 2003

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न क़सीदा न ग़ज़ल और न रुबाई लिखिए

दौर-ए-मौजूदा में कुछ दिल की तबाही लिखिए

ज़ख़्म-ख़ुर्दा ग़म-ए-दौराँ से हैं जज़्बात-ए-लतीफ़

हुस्न और इश्क़ की क्या मदह-सराई लिखिए

बुझ गए दिल में उम्मीदों के चराग़-ए-रौशन

यास-ओ-हिरमाँ के अँधेरों की सियाही लिखिए

अब तो दुनिया में हैं यूसुफ़ के बरादर लाखों

दुश्मन-ए-जाँ किसे लिखिए किसे भाई लिखिए

तख़्त-ए-फ़िरऔन पे बैठे हैं जो इंसाँ-दुश्मन

हम से कहते हैं उन्हें ज़िल्ल-ए-इलाही लिखिए

किस अदालत में करें पेश मुक़दमा दिल का

अब कहें किस से कि अश्कों की गवाही लिखिए

सय्यदा फ़रहत
About the poet

सय्यदा फ़रहत

मूल नाम : करामत फ़ातिमा जन्म : 01 Apr 1938 | भोपाल, मध्य प्रदेश निधन : 11 Feb 2003

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