About Nawaz Deobandi
DescriptionMohammad Nawaz Khan Hindi: नवाज देवबंदी Urdu:نواز دیوبندی born 16 Jul 1956 is an Indian Urdu language poet born in Deoband, India. He is also a Gazhals writer some of them are sung by famous Gazhal singer Jagjit Singh.
Selected Quotes
Poetry & Stories
शेर
भूके बच्चों की तसल्ली के लिएमाँ ने फिर पानी पकाया देर तक
तेरे आने की जब ख़बर महके
तेरे आने की जब ख़बर महकेतेरी ख़ुशबू से सारा घर महके
वो रुला कर हँस न पाया देर तक
वो रुला कर हँस न पाया देर तकजब मैं रो कर मुस्कुराया देर तक
मंज़िल पे न पहुँचे उसे रस्ता नहीं कहते
मंज़िल पे न पहुँचे उसे रस्ता नहीं कहतेदो चार क़दम चलने को चलना नहीं कहते
सफ़र में मुश्किलें आएँ तो जुरअत और बढ़ती है
सफ़र में मुश्किलें आएँ तो जुरअत और बढ़ती हैकोई जब रास्ता रोके तो हिम्मत और बढ़ती है
About Nawaz Deobandi
Nawaz Deobandi: Quick Answers
Who is Nawaz Deobandi?
DescriptionMohammad Nawaz Khan Hindi: नवाज देवबंदी Urdu:نواز دیوبندی born 16 Jul 1956 is an Indian Urdu language poet born in Deoband, India. He is also a Gazhals writer some of them are sung by famous Gazhal singer Jagjit Singh.
When was Nawaz Deobandi born?
Nawaz Deobandi was born on 16 July 1956. Associated place: Saharanpur, India.
Where can I read Nawaz Deobandi's poetry?
Kavishala has 10 poems and stories and 4 couplets (sher) by Nawaz Deobandi, free to read on this page, along with selected quotes you can share.
Poems & Stories by Nawaz Deobandi
शेर
भूके बच्चों की तसल्ली के लिएमाँ ने फिर पानी पकाया देर तक
तेरे आने की जब ख़बर महके
तेरे आने की जब ख़बर महकेतेरी ख़ुशबू से सारा घर महके
वो रुला कर हँस न पाया देर तक
वो रुला कर हँस न पाया देर तकजब मैं रो कर मुस्कुराया देर तक
मंज़िल पे न पहुँचे उसे रस्ता नहीं कहते
मंज़िल पे न पहुँचे उसे रस्ता नहीं कहतेदो चार क़दम चलने को चलना नहीं कहते
सफ़र में मुश्किलें आएँ तो जुरअत और बढ़ती है
सफ़र में मुश्किलें आएँ तो जुरअत और बढ़ती हैकोई जब रास्ता रोके तो हिम्मत और बढ़ती है
वो अपने घर के दरीचों से झाँकता कम है
वो अपने घर के दरीचों से झाँकता कम हैतअ'ल्लुक़ात तो अब भी हैं राब्ता कम है
वो बेवफ़ा है उसे बेवफ़ा कहूँ कैसे
वो बेवफ़ा है उसे बेवफ़ा कहूँ कैसेबुरा ज़रूर है लेकिन बुरा कहूँ कैसे
वहाँ कैसे कोई दिया जले जहाँ दूर तक ये हवा न हो
वहाँ कैसे कोई दिया जले जहाँ दूर तक ये हवा न होउन्हें हाल-ए-दिल न सुनाइए जिन्हें दर्द-ए-दिल का पता न हो
दूसरा फ़ैसला नहीं होता
दूसरा फ़ैसला नहीं होताइश्क़ में मशवरा नहीं होता
ख़ुद को कितना छोटा करना पड़ता है
ख़ुद को कितना छोटा करना पड़ता हैबेटे से समझौता करना पड़ता है
Selected Quotes by Nawaz Deobandi (चुनिंदा उद्धरण)
भूके बच्चों की तसल्ली के लिए माँ ने फिर पानी पकाया देर तकतेरे आने की जब ख़बर महके तेरी ख़ुशबू से सारा घर महकेदूसरा फ़ैसला नहीं होताइश्क़ में मशवरा नहीं होतामंज़िल पे न पहुँचे उसे रस्ता नहीं कहतेदो चार क़दम चलने को चलना नहीं कहतेसफ़र में मुश्किलें आएँ तो जुरअत और बढ़ती हैकोई जब रास्ता रोके तो हिम्मत और बढ़ती हैवो अपने घर के दरीचों से झाँकता कम हैतअ'ल्लुक़ात तो अब भी हैं राब्ता कम हैCouplets (Sher) by Nawaz Deobandi
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