About Pash
Pash was the pen name of Avtar Singh Sandhu, one of the major poets of the Naxalite movement in the Punjabi literature of the 1970s. He was killed by Khalistani extremists on 23 March 1988. His strongly left-wing views were reflected in his poetry.
Selected Quotes
Poetry & Stories
क़ैद करोगे अंधकार में - पाश
क्या-क्या नहीं है मेरे पासशाम की रिमझिम
हमारे समयों में
यह सब कुछ हमारे ही समयों में होना थाकि समय ने रुक जाना था थके हुए युद्ध की तरह
सपने
सपनेहर किसी को नहीं आते
अपनी असुरक्षा से
यदि देश की सुरक्षा यही होती हैकि बिना ज़मीर होना ज़िंदगी के लिए शर्त बन जाए
लोहा
आप लोहे की कार का आनंद लेते होमेरे पास लोहे की बंदूक़ है
About Pash
Pash: Quick Answers
Who is Pash?
Pash was the pen name of Avtar Singh Sandhu, one of the major poets of the Naxalite movement in the Punjabi literature of the 1970s. He was killed by Khalistani extremists on 23 March 1988.
Where can I read Pash's poetry?
Kavishala has 21 poems and stories by Pash, free to read on this page, along with selected quotes you can share.
Poems & Stories by Pash
क़ैद करोगे अंधकार में - पाश
क्या-क्या नहीं है मेरे पासशाम की रिमझिम
हमारे समयों में
यह सब कुछ हमारे ही समयों में होना थाकि समय ने रुक जाना था थके हुए युद्ध की तरह
सपने
सपनेहर किसी को नहीं आते
अपनी असुरक्षा से
यदि देश की सुरक्षा यही होती हैकि बिना ज़मीर होना ज़िंदगी के लिए शर्त बन जाए
लोहा
आप लोहे की कार का आनंद लेते होमेरे पास लोहे की बंदूक़ है
संविधान
यह पुस्तक मर चुकी हैइसे न पढ़ें
वक़्त आ गया है
अब वक़्त आ गया हैकि आपसी रिश्ते का इक़बाल करें
तुम्हारे बग़ैर
तुम्हारे बग़ैर मैं बहुत खचाखच रहता हूँयह दुनिया सारी धक्कमपेल सहित
संसद
ज़हरीली शहद की मक्खी की ओर उँगली न करेंजिसे आप छत्ता समझते हैं
उम्र
आदमी का भी कोई जीना हैअपनी उम्र कव्वे या साँप को बख़्शीश में दे दो
मैं अब विदा लेता हूँ
मैं अब विदा लेता हूँमेरी दोस्त, मैं अब विदा लेता हूँ
सबसे ख़तरनाक
मेहनत की लूट सबसे ख़तरनाक नहीं होतीपुलिस की मार सबसे ख़तरनाक नहीं होती
Selected Quotes by Pash (चुनिंदा उद्धरण)
मैं अब विदा लेता हूँमेरी दोस्त, मैं अब विदा लेता हूँक्या-क्या नहीं है मेरे पासशाम की रिमझिममेहनत की लूट सबसे ख़तरनाक नहीं होतीपुलिस की मार सबसे ख़तरनाक नहीं होतीआप लोहे की कार का आनंद लेते होमेरे पास लोहे की बंदूक़ हैयह सब कुछ हमारे ही समयों में होना थाकि समय ने रुक जाना था थके हुए युद्ध की तरहतुम्हारे बग़ैर मैं बहुत खचाखच रहता हूँयह दुनिया सारी धक्कमपेल सहितVideos on Pash
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