न फ़र्श-ए-ख़ाक पे ठहरेंगे नक़्श-ए-पा की तरह

सय्यदा फ़रहतसय्यदा फ़रहत1 Apr 1938 – 11 Feb 2003

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न फ़र्श-ए-ख़ाक पे ठहरेंगे नक़्श-ए-पा की तरह

रवाँ-दवाँ हैं फ़ज़ाओं में हम हवा की तरह

पुकार वक़्त की नज़दीक थी मगर हम ने

सुना है दूर से आती हुई सदा की तरह

सज़ाएँ देती है मक्र-ओ-फ़रेब की दुनिया

सदाक़तों का है इज़हार इक ख़ता की तरह

ख़ुदा करे तुझे एहसास-ए-दर्द-ओ-ग़म न रहे

दुआ-ए-ख़ैर वो देते हैं बद-दुआ' की तरह

न हो सुख़न में जो शान-ए-पयम्बरी मुमकिन

ख़मोश रह के भी देखें ज़रा ख़ुदा की तरह

झलक दिखाए कहीं तो उमीद का सूरज

हुजूम-ए-यास है उमडी हुई घटा की तरह

सय्यदा फ़रहत
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सय्यदा फ़रहत

मूल नाम : करामत फ़ातिमा जन्म : 01 Apr 1938 | भोपाल, मध्य प्रदेश निधन : 11 Feb 2003

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