Hazari Prasad Dwivedi, poet
Sootradhar · Author

Hazari Prasad Dwivedi

19 August 1907 – 19 May 1979Agra and Oudh

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About Hazari Prasad Dwivedi

Hazari Prasad Dwivedi (19 August 1907 – 19 May 1979) was a Hindi novelist, literary historian, essayist, critic and scholar. He penned numerous novels, collections of essays, historical research on medieval religious movements of India especially Kabir and Natha Sampradaya, and historical outlines of Hindi literature.…

Selected Quotes

अब भी प्रकृति मनुष्य को उसके भीतर वाले अस्त्र से वंचित नहीं कर रही है, अब भी वह याद दिला देती है कि तुम्हारे नाखून को भुलाया नहीं जा सकता।
— Hazari Prasad Dwivedi
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महान संकल्प ही महान फल का जनक होता हैहजारी प्रसाद द्विवेदी
— Hazari Prasad Dwivedi
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Poetry & Stories

  1. महान संकल्प ही महान फल का जनक होता है

    महान संकल्प ही महान फल का जनक होता हैहजारी प्रसाद द्विवेदी

    2 min read · 17.5K reads
  2. जीना भी एक कला है

    जीना भी एक कला है, बल्कि कला ही नहीं तपस्या है।हजारी प्रसाद द्विवेदी

    1 min read · 15.1K reads
  3. ईमानदारी और बुद्धिमानी

    ईमानदारी और बुद्धिमानी के साथ किया हुआ काम कभी व्यर्थ नहीं जाता।

    1 min read · 13.3K reads
  4. नाखून क्यों बढ़ते हैं?

    बच्चे कभी-कभी चक्कर में डाल देने वाले प्रश्न कर बैठते हैं। अल्पज्ञ पिता बड़ा दयनीय जीव होता है। मेरी लड़की ने उस दिन पूछ लिया कि नाखून क्यों बढते हैं, तो मैं कुछ सोच ही नहीं सका। हर तीसरे दिन नाखून बढ़ जाते हैं, बच्चे कुछ दिन तक अगर उन्हें बढ़ने दें, तो माँ-बाप अकसर उन्हें डाँटा करते हैं। पर कोई नहीं जनता कि ये अभागे नाखून क्यों इस प्रकार बढ़ा करते हैं। काट दीजिए, वे चुपचाप दंड स्वीकार कर लेंगे; पर निर्लज्ज अपराधी की भाँति फिर छूटते ही सेंध पर हाजिर। आखिर ये इतने बेहया क्यों हैं?कुछ लाख वर्षों की बात है, जब मनुष्य जंगली था; बनमानुष जैसा। उसे नाखून की जरूरत थी। उसकी जीवन रक्षा के लिए नाखून बहुत जरूरी थे। असल में वही उसके अस्त्र थे। दाँत भी थे, पर नाखून के बाद ही उसका स्थान था। उन दिनों उसे जूझना पड़ता था, प्रतिद्वंद्वियों को पछाड़ना पड़ता था, नाखून उसके लिए आवश्यक अंग था। फिर वह अपने अंग से बाहर की वस्तुओं का सहारा लेने लगा।

    3 min read · 24.6K reads
  5. कोकिल

    कोकिल अति सुंदर चिड़िया है,सच कहते हैं, अति बढ़िया है।

    1 min read · 14.5K reads

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