About Kalim Aajiz
Kalim Aajiz (1920 – 14 February 2015) was an Indian writer of Urdu literature and a famous poet. An academic educator and chairman of the Urdu Advisory Committee of the Government of Bihar. He was a recipient of the fourth highest Indian civilian honour of Padma Shri from the Government of India in 1989. Kalim Aajiz w…
Selected Quotes
Poetry & Stories
दिन एक सितम, एक सितम रात करो हो
दिन एक सितम, एक सितम रात करो हो ।वो दोस्त हो, दुश्मन को भी जो मात करो हो ।।
शे’र-ओ-सुखन
1.वह शेर था जिसे कभी लाल किले के मुशायरे में आजिज़ साहब के मुँह से सुनकर इन्दिरा गांधी बिदक गई थीं!
आश्ना गम से मिला राहत से बे-गाना मिला
आश्ना गम से मिला राहत से बे-गाना मिलादिल भी हम को खूबी-ए-किस्मत से दीवाना मिला
बुलाते क्यूँ हो
बुलाते क्यूँ हो आजिज़ को बुलाना क्या मज़ा दे हैग़ज़ल कम-बख़्त कुछ ऐसी पढ़े है दिल हिला दे है
धड़कता जाता है दिल मुस्कुराने वालों का
धड़कता जाता है दिल मुस्कुराने वालों काउठा नहीं है अभी ऐतबार नालों का
About Kalim Aajiz
Kalim Aajiz: Quick Answers
Who is Kalim Aajiz?
Kalim Aajiz (1920 – 14 February 2015) was an Indian writer of Urdu literature and a famous poet. An academic educator and chairman of the Urdu Advisory Committee of the Government of Bihar.
When was Kalim Aajiz born?
Kalim Aajiz was born on 1 January 1920.
When did Kalim Aajiz die?
Kalim Aajiz passed away on 14 February 2015.
Where can I read Kalim Aajiz's poetry?
Kavishala has 19 poems and stories by Kalim Aajiz, free to read on this page, along with selected quotes you can share.
Poems & Stories by Kalim Aajiz
दिन एक सितम, एक सितम रात करो हो
दिन एक सितम, एक सितम रात करो हो ।वो दोस्त हो, दुश्मन को भी जो मात करो हो ।।
शे’र-ओ-सुखन
1.वह शेर था जिसे कभी लाल किले के मुशायरे में आजिज़ साहब के मुँह से सुनकर इन्दिरा गांधी बिदक गई थीं!
आश्ना गम से मिला राहत से बे-गाना मिला
आश्ना गम से मिला राहत से बे-गाना मिलादिल भी हम को खूबी-ए-किस्मत से दीवाना मिला
बुलाते क्यूँ हो
बुलाते क्यूँ हो आजिज़ को बुलाना क्या मज़ा दे हैग़ज़ल कम-बख़्त कुछ ऐसी पढ़े है दिल हिला दे है
धड़कता जाता है दिल मुस्कुराने वालों का
धड़कता जाता है दिल मुस्कुराने वालों काउठा नहीं है अभी ऐतबार नालों का
हम को तो बे-सवाल मिले बे-तलब मिले
हम को तो बे-सवाल मिले बे-तलब मिलेहम वो नहीं है साकी के जब माँगे तब मिले
हकीकतों का जलाल
हकीकतों का जलाल देंगे सदाकतों का जमाल देंगेतुझे भी हम ऐ गम-ए-ज़माना गज़ल के साँचे में ढाल देंगे
हर चोट पे पूछे है
हर चोट पे पूछे है बता याद रहेगीहम को ये ज़माने की अदा याद रहेगी
इम्तिहान-ए-शौक
इम्तिहान-ए-शौक में साबित-कदम होना नहींइश्क जब तक वाकिफ-ए-आदाम-ए-गम होता नहीं
इस नाज़ इस अन्दाज से
इस नाज़ इस अन्दाज से तुम हाए चलो हो ।रोज़ एक ग़ज़ल हम से कहलवाए चलो हो ।।
मेरी मस्ती के अफसाने रहेंगे
मेरी मस्ती के अफसाने रहेंगेजहाँ गर्दिश में पैमाने रहेंगे
मुँह फकीरों से न फेरा चाहिए
मुँह फकीरों से न फेरा चाहिएये तो पूछा चाहिए क्या चाहिए
Selected Quotes by Kalim Aajiz (चुनिंदा उद्धरण)
दिन एक सितम, एक सितम रात करो हो ।वो दोस्त हो, दुश्मन को भी जो मात करो हो ।।हकीकतों का जलाल देंगे सदाकतों का जमाल देंगेतुझे भी हम ऐ गम-ए-ज़माना गज़ल के साँचे में ढाल देंगेबहुत दुश्वार समझाना है ग़म का समझ लेने में दुश्वारी नहीं है।इस नाज़ इस अन्दाज से तुम हाए चलो हो ।रोज़ एक ग़ज़ल हम से कहलवाए चलो हो ।।मुँह फकीरों से न फेरा चाहिएये तो पूछा चाहिए क्या चाहिएहर चोट पे पूछे है बता याद रहेगीहम को ये ज़माने की अदा याद रहेगीVideos on Kalim Aajiz
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