Momin Khan Momin, poet
Sootradhar · Author

Momin Khan Momin

1 January 1800 – 14 May 1852

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About Momin Khan Momin

Momin Khan Momin (1800–14 May 1852) (Urdu: مومِن خاں مومِنؔ‎—Moʾmin Xān Moʾmin) was a late Mughal era poet known for his Urdu ghazals. A lesser-known contemporary of Ghalib and Zauq, he used "Momin" as his nom de plume. His grave is located near the parking area of Maulana Azad Medical College in Delhi. Momin is known…

Selected Quotes

वो जो हम में तुम में क़रार था तुम्हें याद हो कि न याद होवही या'नी वा'दा निबाह का तुम्हें याद हो कि न याद हो
— Momin Khan Momin
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ठानी थी दिल में अब न मिलेंगे किसी से हमपर क्या करें कि हो गए नाचार जी से हम
— Momin Khan Momin
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Poetry & Stories

  1. वो जो हम में तुम में क़रार था तुम्हें याद हो कि न याद हो

    वो जो हम में तुम में क़रार था तुम्हें याद हो कि न याद होवही या'नी वा'दा निबाह का तुम्हें याद हो कि न याद हो

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  2. आँखों से हया टपके है अंदाज़ तो देखो

    आँखों से हया टपके है अंदाज़ तो देखोहै बुल-हवसों पर भी सितम नाज़ तो देखो

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  3. रोया करेंगे आप भी पहरों इसी तरह

    रोया करेंगे आप भी पहरों इसी तरहअटका कहीं जो आप का दिल भी मिरी तरह

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  4. दफ़्न जब ख़ाक में हम सोख़्ता-सामाँ होंगे

    दफ़्न जब ख़ाक में हम सोख़्ता-सामाँ होंगेफ़िल्स माही के गुल-ए-शम-ए-शबिस्ताँ होंगे

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  5. ठानी थी दिल में अब न मिलेंगे किसी से हम

    ठानी थी दिल में अब न मिलेंगे किसी से हमपर क्या करें कि हो गए नाचार जी से हम

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