About Gopal Singh Nepali
Gopal Singh Nepali (11 August 1911 – 17 April 1963) was an Indian poet of Hindi literature and a lyricist of Bollywood. His association with Bollywood spanned around two decades, beginning in 1944 and ended with his death in 1963.Nepali ji, who made a separate identity as a film songwriter, has written about 300 songs…
Selected Quotes
Poetry & Stories
मैं विद्युत् में तुम्हें निहारूँ
मैं विद्युत् में तुम्हें निहारूँनील गगन में पंख पसारूँ;
बहारें आएँगी, होंठों पे फूल खिलेंगे
बहारें आएँगी, होंठों पे फूल खिलेंगेसितारों को मालूम था, हम दोनों मिलेंगे
तू चिंगारी बनकर उड़ री, जाग-जाग मैं ज्वाल बनूँ
तू चिंगारी बनकर उड़ री, जाग-जाग मैं ज्वाल बनूँ,तू बन जा हहराती गँगा, मैं झेलम बेहाल बनूँ,
दिल चुरा कर न हमको बुलाया करो
दिल चुरा कर न हमको बुलाया करोगुनगुना कर न गम को सुलाया करो,
प्रिये तुम्हारी इन आँखों में मेरा जीवन बोल रहा है
प्रिये तुम्हारी इन आँखों में मेरा जीवन बोल रहा हैबोले मधुप फूल की बोली, बोले चाँद समझ लें तारे
About Gopal Singh Nepali
Gopal Singh Nepali: Quick Answers
Who is Gopal Singh Nepali?
Gopal Singh Nepali (11 August 1911 – 17 April 1963) was an Indian poet of Hindi literature and a lyricist of Bollywood. His association with Bollywood spanned around two decades, beginning in 1944 and ended with his death in 1963.
When was Gopal Singh Nepali born?
Gopal Singh Nepali was born on 11 August 1911.
When did Gopal Singh Nepali die?
Gopal Singh Nepali passed away on 17 April 1963.
Where can I read Gopal Singh Nepali's poetry?
Kavishala has 28 poems and stories by Gopal Singh Nepali, free to read on this page, along with selected quotes you can share.
Poems & Stories by Gopal Singh Nepali
मैं विद्युत् में तुम्हें निहारूँ
मैं विद्युत् में तुम्हें निहारूँनील गगन में पंख पसारूँ;
बहारें आएँगी, होंठों पे फूल खिलेंगे
बहारें आएँगी, होंठों पे फूल खिलेंगेसितारों को मालूम था, हम दोनों मिलेंगे
तू चिंगारी बनकर उड़ री, जाग-जाग मैं ज्वाल बनूँ
तू चिंगारी बनकर उड़ री, जाग-जाग मैं ज्वाल बनूँ,तू बन जा हहराती गँगा, मैं झेलम बेहाल बनूँ,
दिल चुरा कर न हमको बुलाया करो
दिल चुरा कर न हमको बुलाया करोगुनगुना कर न गम को सुलाया करो,
प्रिये तुम्हारी इन आँखों में मेरा जीवन बोल रहा है
प्रिये तुम्हारी इन आँखों में मेरा जीवन बोल रहा हैबोले मधुप फूल की बोली, बोले चाँद समझ लें तारे
बदनाम रहे बटमार मगर, घर तो रखवालों ने लूटा
बदनाम रहे बटमार मगर, घर तो रखवालों ने लूटामेरी दुल्हन-सी रातों को, नौ लाख सितारों ने लूटा
कितना कोमल,
कितना कोमल,कितना वत्सल,
दो मेघ मिले बोले-डोले, बरसाकर दो-दो बूँद चले
दो मेघ मिले बोले-डोले, बरसाकर दो-दो बूँद चले ।भौंरों को देख उड़े भौंरे, कलियों को देख हँसीं कलियाँ,
कर्णधार तू बना तो हाथ में लगाम ले
कर्णधार तू बना तो हाथ में लगाम लेक्रांति को सफल बना नसीब का न नाम ले
अरे युगांतर, आ जल्दी अब खोल, खोल मेरा बंधन
अरे युगांतर, आ जल्दी अब खोल, खोल मेरा बंधनबंधा हुआ इन जंजीरों से तड़प रहा कब से जीवन
अफ़सोस नहीं इसका हमको, जीवन में हम कुछ कर न सके
अफ़सोस नहीं इसका हमको, जीवन में हम कुछ कर न सके,झोलियाँ किसी की भर न सके, सन्ताप किसी का हर न सके,
आ रहे तुम बन कर मधुमास
आ रहे तुम बन कर मधुमासऔर मैं ऋतु का पहला फूल
Selected Quotes by Gopal Singh Nepali (चुनिंदा उद्धरण)
बदनाम रहे बटमार मगर, घर तो रखवालों ने लूटामेरी दुल्हन-सी रातों को, नौ लाख सितारों ने लूटातू चिंगारी बनकर उड़ री, जाग-जाग मैं ज्वाल बनूँ,तू बन जा हहराती गँगा, मैं झेलम बेहाल बनूँ,दिल चुरा कर न हमको बुलाया करोगुनगुना कर न गम को सुलाया करो,दो मेघ मिले बोले-डोले, बरसाकर दो-दो बूँद चले ।भौंरों को देख उड़े भौंरे, कलियों को देख हँसीं कलियाँ,आ रहे तुम बन कर मधुमासऔर मैं ऋतु का पहला फूलअफ़सोस नहीं इसका हमको, जीवन में हम कुछ कर न सके,झोलियाँ किसी की भर न सके, सन्ताप किसी का हर न सके,Videos on Gopal Singh Nepali
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