About Aadi Sankaracharya
आदि शंकराचार्य (५०८ ईसा पूर्व) भारत के एक महान दार्शनिक एवं धर्मप्रवर्तक थे। उन्होने अद्वैत वेदान्त को ठोस आधार प्रदान किया। उन्होने सनातन धर्म की विविध विचारधाराओं का एकीकरण किया। उपनिषदों और वेदांतसूत्रों पर लिखी हुई इनकी टीकाएँ बहुत प्रसिद्ध हैं। इन्होंने भारतवर्ष में चार मठों की स्थापना की थी जो अभी तक बहुत प्रसिद…
Selected Quotes
Poetry & Stories
सौन्दर्य लहरी / पृष्ठ - १
सौन्दर्य लहरी / पृष्ठ - १शिवःशक्त्या युक्तो यदि भवति शक्तः प्रभवितुम् |
सौन्दर्य लहरी / पृष्ठ - २
सौन्दर्य लहरी / पृष्ठ - २चतुर्भिः श्रीकण्ठैः शिवयुवतिभिः पञ्चभिरपि
सौन्दर्य लहरी / पृष्ठ - ३
सौन्दर्य लहरी / पृष्ठ - ३तडिल्लेखातन्वीं तपनशशि वैश्वानरमयीं ।
सौन्दर्य लहरी / पृष्ठ - ४
सौन्दर्य लहरी / पृष्ठ - ४चतुःषष्ट्या तन्त्रैः सकलमतिसन्धाय भुवनं
सौन्दर्य लहरी / पृष्ठ - ५
सौन्दर्य लहरी / पृष्ठ - ५तवाधारे मूले सह समयया लास्यपरया ।
About Aadi Sankaracharya
Aadi Sankaracharya: Quick Answers
Who is Aadi Sankaracharya?
आदि शंकराचार्य (५०८ ईसा पूर्व) भारत के एक महान दार्शनिक एवं धर्मप्रवर्तक थे। उन्होने अद्वैत वेदान्त को ठोस आधार प्रदान किया।
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Poems & Stories by Aadi Sankaracharya
सौन्दर्य लहरी / पृष्ठ - १
सौन्दर्य लहरी / पृष्ठ - १शिवःशक्त्या युक्तो यदि भवति शक्तः प्रभवितुम् |
सौन्दर्य लहरी / पृष्ठ - २
सौन्दर्य लहरी / पृष्ठ - २चतुर्भिः श्रीकण्ठैः शिवयुवतिभिः पञ्चभिरपि
सौन्दर्य लहरी / पृष्ठ - ३
सौन्दर्य लहरी / पृष्ठ - ३तडिल्लेखातन्वीं तपनशशि वैश्वानरमयीं ।
सौन्दर्य लहरी / पृष्ठ - ४
सौन्दर्य लहरी / पृष्ठ - ४चतुःषष्ट्या तन्त्रैः सकलमतिसन्धाय भुवनं
सौन्दर्य लहरी / पृष्ठ - ५
सौन्दर्य लहरी / पृष्ठ - ५तवाधारे मूले सह समयया लास्यपरया ।
उपदेशसाहस्री / उपदेश १
उपदेशसाहस्री / उपदेश १चैतन्यं सर्वगं सर्वं सर्वभूतगुहाशयम्।
उपदेशसाहस्री / उपदेश २
उपदेशसाहस्री / उपदेश २प्रैषेद्धुमशक्यत्वान् नेति नेतीति शेषितम्।
उपदेशसाहस्री / उपदेश ३
उपदेशसाहस्री / उपदेश ३ईश्वरश्चेदनात्मा स्यान् नासावस्मीति धारयेत्।
उपदेशसाहस्री / उपदेश ४
उपदेशसाहस्री / उपदेश ४अहंप्रत्ययबीजं यदहंप्रत्ययवत्स्थितम्।
उपदेशसाहस्री / उपदेश ५
उपदेशसाहस्री / उपदेश ५ /मूत्राशञ्को यथोदञ्को नाग्रहीदमृतं मुनिः।
उपदेशसाहस्री / उपदेश ६
उपदेशसाहस्री / उपदेश ६छित्त्वा त्यक्तेन हस्तेन स्वयं नात्मा विशेष्यते।
उपदेशसाहस्री / उपदेश ७
उपदेशसाहस्री / उपदेश ७बुद्ध्यारूढं सदा सर्वं दृश्यते यत्र तत्र वा।
Selected Quotes by Aadi Sankaracharya (चुनिंदा उद्धरण)
सौन्दर्य लहरी / पृष्ठ - १शिवःशक्त्या युक्तो यदि भवति शक्तः प्रभवितुम् |सौन्दर्य लहरी / पृष्ठ - ५तवाधारे मूले सह समयया लास्यपरया ।उपदेशसाहस्री / उपदेश १चैतन्यं सर्वगं सर्वं सर्वभूतगुहाशयम्।सौन्दर्य लहरी / पृष्ठ - २चतुर्भिः श्रीकण्ठैः शिवयुवतिभिः पञ्चभिरपिउपदेशसाहस्री / उपदेश २प्रैषेद्धुमशक्यत्वान् नेति नेतीति शेषितम्।उपदेशसाहस्री / उपदेश ६छित्त्वा त्यक्तेन हस्तेन स्वयं नात्मा विशेष्यते।Videos on Aadi Sankaracharya
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