Bashir Badr, poet
Sootradhar · Author

Bashir Badr

बशीर बद्र

15 February 1935Faizabad

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About Bashir Badr

Bashir Badr is an Indian poet of Urdu. Badr was born in Faizabad, India. He is an alumnus of Aligarh Muslim University. He is married and has three sons Nusrat Badr, Masum Badr, Taiyeb Badr and a daughter Saba Badr. He lived in the Aligarh university area during student time and teaching time. He also lived in Meerut,…

Selected Quotes

उजाले अपनी यादों के हमारे साथ रहने दोन जाने किस गली में ज़िंदगी की शाम हो जाए
— बशीर बद्र
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कभी यूँ मिलें कोई मसलेहत, कोई ख़ौफ़ दिल में ज़रा न होमुझे अपनी कोई ख़बर न हो, तुझे अपना कोई पता न हो
— बशीर बद्र
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Poetry & Stories

  1. बशीर बद्र की शायरी

    उजाले अपनी यादों के हमारे साथ रहने दोन जाने किस गली में ज़िंदगी की शाम हो जाए

    1 min read · 34.7K reads
  2. कभी यूँ मिलें कोई मसलेहत, कोई ख़ौफ़ दिल में ज़रा न हो - बशीर बद्र

    कभी यूँ मिलें कोई मसलेहत, कोई ख़ौफ़ दिल में ज़रा न होमुझे अपनी कोई ख़बर न हो, तुझे अपना कोई पता न हो

    1 min read · 14.7K reads
  3. वो चांदनी का बदन ख़ुशबूओं का साया है - बशीर बद्र

    वो चांदनी का बदन ख़ुशबुओं का साया हैबहुत अज़ीज़ हमें है मगर पराया है

    1 min read · 14.2K reads
  4. सर से चादर बदन से क़बा ले गई - बशीर बद्र

    सर से चादर बदन से क़बा ले गईज़िन्दगी हम फ़क़ीरों से क्या ले गई

    1 min read · 13.8K reads
  5. मोहब्बतों में दिखावे की दोस्ती ना मिला - बशीर बद्र

    मोहब्बतों में दिखावे की दोस्ती ना मिलाअगर गले नहीं मिलता तो हाथ भी ना मिला

    1 min read · 14.6K reads

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