About हरप्रसाद दास
ओड़िया भाषा के सुपरिचित कवि-निबंधकार-स्तंभकार। साहित्य अकादेमी पुरस्कार से सम्मानित।
Selected Quotes
Poetry & Stories
प्रार्थना के लिए ज़रूरी शब्द
(शुरूआत होगी एक गुहार से)हे प्रभु, हे विश्व नियन्ता, हे विधाता
कविता के विरुद्ध कविता
हम कविता का विरोध सिर्फ़कर सकते हैं कविता में,
अयोग्यता
तुम तो जानते हो मेरी अयोग्यताकहीं कुछ मिल भी गया हो तो
अमानुष
पानी की चमड़ी तलेकुईं की उँगलियों में
ग्रहण
सोचने का वक़्त है कहाँकुछ कहना ही होगा
About हरप्रसाद दास
ओड़िया भाषा के सुपरिचित कवि-निबंधकार-स्तंभकार। साहित्य अकादेमी पुरस्कार से सम्मानित।
हरप्रसाद दास: Quick Answers
Who is हरप्रसाद दास?
ओड़िया भाषा के सुपरिचित कवि-निबंधकार-स्तंभकार। साहित्य अकादेमी पुरस्कार से सम्मानित।
Where can I read हरप्रसाद दास's poetry?
Kavishala has 14 poems and stories by हरप्रसाद दास, free to read on this page, along with selected quotes you can share.
Poems & Stories by हरप्रसाद दास
प्रार्थना के लिए ज़रूरी शब्द
(शुरूआत होगी एक गुहार से)हे प्रभु, हे विश्व नियन्ता, हे विधाता
कविता के विरुद्ध कविता
हम कविता का विरोध सिर्फ़कर सकते हैं कविता में,
अयोग्यता
तुम तो जानते हो मेरी अयोग्यताकहीं कुछ मिल भी गया हो तो
अमानुष
पानी की चमड़ी तलेकुईं की उँगलियों में
ग्रहण
सोचने का वक़्त है कहाँकुछ कहना ही होगा
खेल जारी है
नटी की ज़ुबान पर बस वही बातबीती ताहि बिसार दे
पहचानती हो जिसका हाथ था
पहचानती हो जिसका हाथ थाधनुष अंधकार का
ओ मेरे देश क्या तुझे पता है
ओ मेरे देश क्या तुझे पता हैआया मैं यहाँ किस गाँव से?
ओ मेरे देश!
ओ मेरे देश!आया हूँ मैं बहुत दूर से
चर्यापद
फूलदान से निकाल लेनाफूल एक मुरझाया-सा
विग्रह
एक दिन वापस पाऊँगा सब—निष्काम सागर से यश
उपाय
ख़ून देख डर मत जाना।बलि के मांस का है यह
Selected Quotes by हरप्रसाद दास (चुनिंदा उद्धरण)
हम कविता का विरोध सिर्फ़कर सकते हैं कविता में,(शुरूआत होगी एक गुहार से)हे प्रभु, हे विश्व नियन्ता, हे विधातानटी की ज़ुबान पर बस वही बातबीती ताहि बिसार देपहचानती हो जिसका हाथ थाधनुष अंधकार काओ मेरे देश क्या तुझे पता हैआया मैं यहाँ किस गाँव से?सोचने का वक़्त है कहाँकुछ कहना ही होगाVideos on हरप्रसाद दास
Loading videos…
Books by हरप्रसाद दास
Loading books…








