चर्यापद

हरप्रसाद दासहरप्रसाद दास

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फूलदान से निकाल लेना

फूल एक मुरझाया-सा

जैसे करुणा की अपूर्व बदली का

छा कर भी न बरस पाना

नाव पर दाल-चावल लादे

वैतरणी के पार जाना

जैसे व्याकुल पक्षियों का

अस्ताचल के पार उतरना।

हरप्रसाद दास
About the poet

हरप्रसाद दास

ओड़िया भाषा के सुपरिचित कवि-निबंधकार-स्तंभकार। साहित्य अकादेमी पुरस्कार से सम्मानित।

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