About हरभजन सिंह
पंजाबी के सुप्रतिष्ठित कवि, आलोचक, अनुवादक और संस्कृति-समीक्षक। साहित्य अकादेमी पुरस्कार से सम्मानित।
Selected Quotes
About हरभजन सिंह
पंजाबी के सुप्रतिष्ठित कवि, आलोचक, अनुवादक और संस्कृति-समीक्षक। साहित्य अकादेमी पुरस्कार से सम्मानित।
हरभजन सिंह: Quick Answers
Who is हरभजन सिंह?
पंजाबी के सुप्रतिष्ठित कवि, आलोचक, अनुवादक और संस्कृति-समीक्षक। साहित्य अकादेमी पुरस्कार से सम्मानित।
Where can I read हरभजन सिंह's poetry?
Kavishala has 18 poems and stories by हरभजन सिंह, free to read on this page, along with selected quotes you can share.
Poems & Stories by हरभजन सिंह
पड़ोसी नहीं था
कोई नहीं कोई नहींवह मेरा कोई भी नहीं
नमाज़
एक कतार में खड़े होकर अपने यारों के संग जबझुका मैं बंदूक़ रखने को ख़ालमख़ाली
नहीं, नहीं, नहीं
नहीं,नहीं नहीं
लड़की हैरान है
लड़की हैरान हैदेह के जंगल में मिरग कस्तूरी का
लूली विदा
चलो दस्तपंजे के बिना हीविदा हो जाएँ
कोई हादसा
इस सड़क पर कोई हादसा होमैं घर जाऊँ
मनुष्य के पैर
जब मक्का से वापस आ रहा थातो मन हुआ
शहर
मैं अपने शहर वापस चला जाऊँगानदी किनारे खड़ा शहर मेरा
आग
आधी-आधी रातमुझे अम्मा ने झिंझोड़ जगाया
माँ मेरी हुई सौतेली
माँ मेरी हुई सौतेलीजब से मिट्टी में जागा उजाला
जंगल में झील जागती
जंगल में झील जागती हैदिन हो रात हो
काली आग
यह काली आग का दरियामेरे घर आ बैठा है
Selected Quotes by हरभजन सिंह (चुनिंदा उद्धरण)
इस सड़क पर कोई हादसा होमैं घर जाऊँयह काली आग का दरियामेरे घर आ बैठा हैचलो दस्तपंजे के बिना हीविदा हो जाएँकोई नहीं कोई नहींवह मेरा कोई भी नहींमैं अपने शहर वापस चला जाऊँगानदी किनारे खड़ा शहर मेराजंगल में झील जागती हैदिन हो रात होVideos on हरभजन सिंह
Loading videos…
Books by हरभजन सिंह
Loading books…








