About अजंता देव
सुपरिचित कवयित्री। कविताओं में उपस्थित संगीतात्मक वैभव के लिए उल्लेखनीय। मूल नाम : अजंता देव जन्म : 31/10/1958 | जोधपुर, राजस्थान अजंता देव का जन्म जोधपुर के एक प्रवासी बंगाल परिवार में हुआ। उनकी उच्च शिक्षा राजस्थान विश्वविद्यालय से पूरी हुई। शास्त्रीय संगीत (गायन), नृत्य, चित्रकला, नाट्य और अन्य कई कलाओं में गहर…
Selected Quotes
About अजंता देव
सुपरिचित कवयित्री। कविताओं में उपस्थित संगीतात्मक वैभव के लिए उल्लेखनीय।
मूल नाम : अजंता देवजन्म : 31/10/1958 | जोधपुर, राजस्थान
अजंता देव का जन्म जोधपुर के एक प्रवासी बंगाल परिवार में हुआ। उनकी उच्च शिक्षा राजस्थान विश्वविद्यालय से पूरी हुई। शास्त्रीय संगीत (गायन), नृत्य, चित्रकला, नाट्य और अन्य कई कलाओं में गहरी रुचि रखती हैं और इन विधाओं में सक्रिय भी रही हैं। सुपरिचित कवयित्री। कविताओं में उपस्थित संगीतात्मक वैभव के लिए उल्लेखनीय। अजंता देव was born on 31 October 1958. Associated place: जोधपुर, राजस्थान. Kavishala has 31 poems and stories by अजंता देव, free to read on this page, along with selected quotes you can share.
बचपन से गाने का शौक़ था तो फिर लिखने भी लगीं। शुरुआत छंद से हुई। दोस्तों के संग साप्ताहिक गोष्ठी होती थी जहाँ धीरे-धीरे बहुत लोग जुटने लगे। उन्हें यहीं अपना रास्ता मिल गया और कविताएँ लिखने लगीं।
कविता में छंद, लय और सांगीतिकता उनकी शक्ति है। पिता शास्त्रीय गायक थे तो छंद की ओर नैसर्गिक लगाव हुआ। यही गुण उन्हें अपनी पीढ़ी की कवयित्रियों से अलग भी करता है और यही उन्हें सेतु भी बनाता है। कविता में व्यंजना उनका औज़ार है जिससे समकालीन विमर्श के पुर्ज़े खोलती हैं।
‘राख का क़िला’, ‘एक नगरवधू की आत्मकथा’, ‘घोड़े की आँखों में आँसू’ और ‘बेतरतीब’ उनके प्रकाशित काव्य-संग्रह हैं। विभिन्न प्रकाशन माध्यमों में संयम के साथ उनकी कविताएँ प्रकाशित होती रहती हैं। कविता में अपने अलहदा स्वर के लिए बहुप्रशंसित हैं। कविताओं के अतिरिक्त गद्य में भी अपने मन का लेखन करती रही हैं जहाँ लेखन के एकांतिक सौंदर्य के लिए पसंद की जाती हैं। अजंता देव: Quick Answers
Who is अजंता देव?
When was अजंता देव born?
Where can I read अजंता देव's poetry?
Poems & Stories by अजंता देव
नीयत और नियति
चुन लेने परचीज़ें मुश्किल हो जाती हैं
हुलिया
मेरी आँखेंनहीं हैं वैसी भूरी
अपशब्द प्रेम
एकप्रेम संगीत की तरह
कीड़ों के बारे में
बालटियों की आवाज़ और साबुन कास्वाद पहचानते हैं
वरिष्ठ
वे वरिष्ठ हैंजैसे मुर्गी अंडे से
सब्ज़ीवाला
उसने सबसे ऊपर सजा रखा हैहरा धनिया
एक माहिया
ये अब्र पुराने हैंबरसेंगे यहीं आकर
लौटना
पुराने दिनों में लौटने की तरह आसान नहींपुराने घरों में लौटना
बेतरतीब
आँखें बहुत अँधेरे में भीदेख सकती हैं
राख का क़िला
क़िले के नीचे आधी रातभोपा भोपी के कंठ खनखनाते हैं
बूढ़े
शोर करते लोगों के बीच सेउठ जाते हैं तंग आकर
ग़ज़ल के रंग में
रात अँधेरी तारे गुमइस पल सबसे प्यारे तुम।
Selected Quotes by अजंता देव (चुनिंदा उद्धरण)
मेरी आँखेंनहीं हैं वैसी भूरीवे वरिष्ठ हैंजैसे मुर्गी अंडे सेपुराने दिनों में लौटने की तरह आसान नहींपुराने घरों में लौटनाशोर करते लोगों के बीच सेउठ जाते हैं तंग आकररात अँधेरी तारे गुमइस पल सबसे प्यारे तुम।चुन लेने परचीज़ें मुश्किल हो जाती हैंVideos on अजंता देव
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