ग़ज़ल के रंग में

अजंता देवअजंता देव31 Oct 1958

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रात अँधेरी तारे गुम

इस पल सबसे प्यारे तुम।

जितना हमसे दूर हुए

उतने हुए हमारे तुम।

घास फूल चिड़िया आकाश

सबमें नदी किनारे तुम।

अनजाने में जीत गए

जानबूझ कर हारे तुम।

मंदिर मस्जिद गुरुद्वारा

मेरे पंज पियारे तुम।

अजंता देव
About the poet

अजंता देव

सुपरिचित कवयित्री। कविताओं में उपस्थित संगीतात्मक वैभव के लिए उल्लेखनीय। मूल नाम : अजंता देव जन्म : 31/10/1958 | जोधपुर, राजस्थान अजंता देव का जन्म जोधपुर के एक प्रवासी बंगाल परिवार में हुआ। उनकी उच्च शिक्षा राजस्‍थान विश्वविद्यालय से पूरी हुई। शास्‍त्रीय संग…

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