अब्दुल हमीद, poet
Sootradhar · Author

अब्दुल हमीद

अब्दुल हमीद

इलाहबाद, उत्तरप्रदेश

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Selected Quotes

फ़लक पर उड़ते जाते बादलों को देखता हूँ मैं हवा कहती है मुझ से ये तमाशा कैसा लगता है
— अब्दुल हमीद
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दिन गुज़रते हैं गुज़रते ही चले जाते हैं एक लम्हा जो किसी तरह गुज़रता ही नहीं
— अब्दुल हमीद
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Poetry & Stories

  1. अजीब शय है के सूरत बदलती जाती है - अब्दुल हमीद

    अजीब शय है के सूरत बदलती जाती हैये शाम जैसे मक़ाबिर में ढलती जाती है

    3 min read · 12.3K reads
  2. दिल में जो बात है बताते नहीं - अब्दुल हमीद

    दिल में जो बात है बताते नहींदूर तक हम कहीं भी जाते नहीं

    3 min read · 12.4K reads
  3. एक ख़ुदा पर तकिया कर के बैठ गए हैं - अब्दुल हमीद

    एक ख़ुदा पर तकिया कर के बैठ गए हैंदेखो हम भी क्या क्या कर के बैठ गए हैं

    2 min read · 12.3K reads
  4. एक मिशअल थी बुझा दी उस ने - अब्दुल हमीद

    एक मिशअल थी बुझा दी उस नेफिर अँधेरों को हवा दी उस ने

    2 min read · 12.3K reads
  5. कभी देखो तो मौजों का तड़पना - अब्दुल हमीद

    कभी देखो तो मौजों का तड़पना कैसा लगता हैये दरिया इतना पानी पी के प्यासा कैसा लगता है

    3 min read · 12.3K reads

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