जब तुम हँसती हो
तो तुम्हारी ठुड्डी
हौले-से छू लेता हूँ
हथेली में हरसिंगार भर आता है
जब तुम हँसती हो
तो तुम्हारे घुँघराले बालों से
हज़ारों जुगनुओं के झुंड उड़ते हैं
ज़िंदगी रौशनी से भर जाती है
जब तुम हँसती हो
तो मकई की बालियों से
मोती झाँकने लगते हैं
जब तुम हँसती हो
तो लगता है कि
सैकड़ों दाने कंसार में भूँजा बन
साथ-साथ फूट रहे हों
जब तुम हँसती हो
फुनगियाँ भी हवा के संग
डोलना भूल जाती हैं
पृथ्वी अपनी धुरी पर
घूमना भूल जाती है
चाँद चहलक़दमी नहीं करता
टकटकी लगाकर ताकता है
जब तुम हँसती हो तो
हजारों कंचे एक साथ
धरती का माथा चूमते हैं
और जब तुम हँसती हो तो
पिता का सीना समंदर हो जाता है
बनती हुई तस्वीर
मुकम्मल हो जाती है।








