संघर्ष से
ज़िंदगी निकलती है
ज़िंदगी से अब संघर्ष निकल रहा है
पानी से
नदी निकलती है
नदी से अब पानी निकल रहा है
किसानों से
खेत निकलते हैं
खेत से अब किसान निकल रहे हैं
रिश्तों से
परिवार निकलते हैं
परिवार से अब रिश्ता निकल रहा है
नमक से
ख़ून निकलता है
ख़ून से अब नमक निकल रहा है।








