दंगे जाति-धर्म तमाशा और युद्ध

खेमकरण ‘सोमन’खेमकरण ‘सोमन’2 Jun 1984

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वैज्ञानिक खोज रहे हैं

रेगिस्तान में पानी बनाने का तरीक़ा

खगोलशास्त्री खोज रहे हैं चाँद पर हीलियम थ्री

भूखे खोज रहे हैं रोटी

बीमार माँ का ग़रीब बेटा खोज रहा है दवाई

बेरोज़गार खोज रहे हैं नौकरी

पति खोज रहे हैं रिश्तों में शक

बच्चे खोज रहे हैं गेंद लूडो कैरम और डोरेमोन

छात्र खोज रहे हैं लायब्रेरी में किताबें

अमीर लड़के खोज रहे हैं शराब

कुछ लड़कियाँ खोज रही हैं बॉयफ़्रेंड

बुजुर्ग खोज रहे हैं सहारा देने वाले दो हाथ

मज़दूर खोज रहे हैं सड़कों में गड्ढे

चिड़िया खोज रही है कई दिनों से, घोसला बनाने के लिए

किसी व्यक्ति का चहकता-महकता हुआ घर

हताश मन खोज रहा है

संबंधों में गिरते तापमान का कारण

किसान खोज रहे है मिट्टी में रासायनिक खाद की मात्रा

अल्पसंख्यक नवदंपति खोज रहे हैं किराए पर मकान

पर्यटक खोज रहे हैं शहर छोड़ समुद्र-किनारे

और पहाड़ों पर सकून

सभ्य व्यक्ति खोज रहे हैं महान सभ्यता

नेता-मंत्री खोज रहे हैं दंगे जाति-धर्म,

तमाशा और युद्ध।

खेमकरण ‘सोमन’
About the poet

खेमकरण ‘सोमन’

नई पीढ़ी के कवि-लेखक। 'नई दिल्ली दो सौ बत्तीस किलोमीटर' चर्चित कविता-संग्रह। मूल नाम : खेमकरण ‘सोमन’ जन्म : 02/06/1984 | नैनीताल, उत्तराखंड

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