About बच्चा लाल 'उन्मेष'
सुपरिचित कवि। 'कौन जात हो भाई', 'छिछले प्रश्न गहरे उत्तर' और 'बहार के पतझड़' शीर्षक से तीन कविता-संग्रह प्रकाशित।
Selected Quotes
About बच्चा लाल 'उन्मेष'
सुपरिचित कवि। 'कौन जात हो भाई', 'छिछले प्रश्न गहरे उत्तर' और 'बहार के पतझड़' शीर्षक से तीन कविता-संग्रह प्रकाशित।
बच्चा लाल 'उन्मेष': Quick Answers
Who is बच्चा लाल 'उन्मेष'?
सुपरिचित कवि। 'कौन जात हो भाई', 'छिछले प्रश्न गहरे उत्तर' और 'बहार के पतझड़' शीर्षक से तीन कविता-संग्रह प्रकाशित।
Where can I read बच्चा लाल 'उन्मेष''s poetry?
Kavishala has 35 poems and stories by बच्चा लाल 'उन्मेष', free to read on this page, along with selected quotes you can share.
Poems & Stories by बच्चा लाल 'उन्मेष'
कौन जात हो भाई
कौन जात हो भाई?“दलित हैं साब!”
हिंदू वाली फ़ाइल्स
हिंदू वाली फ़ाइल्स मेंपरिशिष्ट-सा नथा हूँ,
गंगा-जल
लाओ तुम्हारे गंगा-जल को छूकरअपवित्र कर दूँ
प्रायश्चित
जब किसी का हक़ खाना,एक बार यहाँ भी हो आना
मृत्यु-भोज के अधकचरे
डूबा है परिवार उधर,मृत सदस्य के शोक में
कइसा धरम?
कइसा धरम बनाया रे मानुष!कइसा धरम बनाया रे...
ब्लड डोनर और जाति का ओनर
जातियाँ आपस में काम लेती हैंपर जाने का नाम नहीं लेतीं
पंचवर्षीय अकाल
पाँच वर्षों के समय-काल मेंहमारे अधिकार
मनु के मन की कुंठित स्मृति
तब नारी, सरे बाज़ार बिकी थीजब मनु ने मन की स्मृति लिखी थी
जाति है कि जाती नहीं
जाति है कि जाती नहीं,शर्म है कि आती नहीं
जोड़ियाँ
जोड़ियाँ ऊपर से बनकर आती हैंऔर ऊपर वाला 'जनेऊ' से।
गुलाब की आज़ादी
उसे शुरू से ही किताबों के बीच जाना पसंद थामंदिरों की चौखट पर
Selected Quotes by बच्चा लाल 'उन्मेष' (चुनिंदा उद्धरण)
डूबा है परिवार उधर,मृत सदस्य के शोक मेंकइसा धरम बनाया रे मानुष!कइसा धरम बनाया रे...हिंदू वाली फ़ाइल्स मेंपरिशिष्ट-सा नथा हूँ,जाति है कि जाती नहीं,शर्म है कि आती नहींलाओ तुम्हारे गंगा-जल को छूकरअपवित्र कर दूँजब किसी का हक़ खाना,एक बार यहाँ भी हो आनाVideos on बच्चा लाल 'उन्मेष'
Loading videos…
Books by बच्चा लाल 'उन्मेष'
Loading books…








