जोड़ियाँ ऊपर से बनकर आती हैं
और ऊपर वाला 'जनेऊ' से।
घोड़ियाँ मारी जाती हैं धूप से
और चढ़ने वाला, ठाकुरों के बूट से।
जब बात उठती है सरनेम की
डोरियाँ टूट जाती हैं प्रेम की
क्योंकि...
जोड़ियाँ ऊपर से बनकर आती हैं
और ऊपर वाला 'जनेऊ' से।
जोड़ियाँ ऊपर से बनकर आती हैं
और ऊपर वाला 'जनेऊ' से।
घोड़ियाँ मारी जाती हैं धूप से
और चढ़ने वाला, ठाकुरों के बूट से।
जब बात उठती है सरनेम की
डोरियाँ टूट जाती हैं प्रेम की
क्योंकि...
जोड़ियाँ ऊपर से बनकर आती हैं
और ऊपर वाला 'जनेऊ' से।

सुपरिचित कवि। 'कौन जात हो भाई', 'छिछले प्रश्न गहरे उत्तर' और 'बहार के पतझड़' शीर्षक से तीन कविता-संग्रह प्रकाशित।
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