हिंदू वाली फ़ाइल्स

बच्चा लाल 'उन्मेष'बच्चा लाल 'उन्मेष'

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हिंदू वाली फ़ाइल्स में

परिशिष्ट-सा नथा हूँ,

मैं जाति वाला चैप्टर हूँ

उपेक्षित घृणित कथा हूँ।

हूँ पढ़ने में नीरस मैं,

कुछ लोगों के लिए अछूत,

बोर्ड के प्रश्नपत्रों में जैसे

'अथवा' करके रखा हूँ।

मैं हिंदू वाली फ़ाइल्स में

परिशिष्ट-सा नथा हूँ।

मैं सिपटा हुआ-सा अक्षर हूँ

कबीरा-सा निरक्षर हूँ

'सर्वजन हिताय' के दीप तले

बहुजन वाली व्यथा हूँ।

मैं हिंदू वाली फ़ाइल्स में

परिशिष्ट-सा नथा हूँ।

चमार, खटीक, भंगी, लुहार

अहीर, गड़रिया, बिंद, सुनार

न पूछो इस फ़ाइल में कितने

कॉमा दे-दे बँधा हूँ।

मैं हिंदू वाली फ़ाइल्स में

परिशिष्ट-सा नथा हूँ।

कितनी हवा और कितना जल

आज कितना और कितना कल

प्रश्नवाचक चिह्न साथ लिए

सिर्फ़ प्रश्नों को रटा हूँ।

मैं हिंदू वाली फ़ाइल्स में

परिशिष्ट-सा नथा हूँ।

मैं हूँ भैंस, वे हैं लाठी

कैसे भागूँ, बँधा हूँ काठी

उनकी मलाई की ख़ातिर

मैं दही-सा मथा हूँ।

मैं हिंदू वाली फ़ाइल्स में

परिशिष्ट-सा नथा हूँ।

वे सट के हो गए जिल्द समान

हम अलग होकर हुए तमाम

अवसर की खींचातानी में

मैं ही अंत में फटा हूँ।

मैं हिंदू वाली फ़ाइल्स में

परिशिष्ट-सा नथा हूँ।

संपादक भी उसी वर्ग का

संपादन का ढंग उसी का

वे पूरी मात्रा से अशुद्ध

मैं नुक़्ता देख कटा हूँ।

मैं हिंदू वाली फ़ाइल्स में

परिशिष्ट-सा नथा हूँ।

साफ़-सुथरा बरदाश्त नहीं

उनको आता रास नहीं

मरकर ही मैं इस फ़ाइल से

पूरी तरह कटा हूँ।

मैं हिंदू वाली फ़ाइल्स में

परिशिष्ट-सा नथा हूँ।

बच्चा लाल 'उन्मेष'
About the poet

बच्चा लाल 'उन्मेष'

सुपरिचित कवि। 'कौन जात हो भाई', 'छिछले प्रश्न गहरे उत्तर' और 'बहार के पतझड़' शीर्षक से तीन कविता-संग्रह प्रकाशित।

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