About आयुष झा
नई पीढ़ी के कवि-लेखक।
Selected Quotes
Poetry & Stories
About आयुष झा
नई पीढ़ी के कवि-लेखक।
आयुष झा: Quick Answers
Who is आयुष झा?
नई पीढ़ी के कवि-लेखक।
Where can I read आयुष झा's poetry?
Kavishala has 26 poems and stories by आयुष झा, free to read on this page, along with selected quotes you can share.
Poems & Stories by आयुष झा
कोरोना और चुनाव
एक डॉक्टर की मौत के बादपेटफाड़ पोस्टमार्टम के दौरान
ख़ानाबदोशी
मेरा एकांततुम्हारे एक पैर की पायल है
मस्तराम
मस्तराम कहीं से भी भकचोन्हर नहीं हैवह प्रेम में देह के लिए अलग से
और राष्ट्रभक्ति थी
बारिश कहीं नहीं थीबारिश में भींगता कौआ था
शादी-कार्ड
एकयह एक व्यस्क सिनेमा का शिलान्यास समारोह है
कबीर सिंह
कहते हैं आशिक़ों की कोई जाति नहीं होतीलेकिन तुम तो आशिक़ों में भी सवर्ण निकले कबीर सिंह!
महामारी
एक पूरी दुनिया आग के दरिया में कूदतैराकी सीख रही है
संक्रमण
हर तरफ दुख-दर्द के तिलचट्टे पसरे हैंअगर सौभाग्यवश कोई ख़ुशी कहीं दिखती भी है
गुलाब
एकरह रह हिनहिनाता है गुलाब :
चुंबन कोई अपराध नहीं
टंग सकिंगचूमो!
जय रविवार
शहर में महामारी हैशहर की तमाम गलियाँ रविवार में
मॉब लिंचिंग
एक अकेले चूहे के गले में सौ बिल्लियाँ मिलकर बाँधेगी घंटीऔर जो जन्म से ही चूहा है वो बिल्ली होने की मौत मारा जाएगा
Selected Quotes by आयुष झा (चुनिंदा उद्धरण)
मेरा एकांततुम्हारे एक पैर की पायल हैबारिश कहीं नहीं थीबारिश में भींगता कौआ थाकहते हैं आशिक़ों की कोई जाति नहीं होतीलेकिन तुम तो आशिक़ों में भी सवर्ण निकले कबीर सिंह!हर तरफ दुख-दर्द के तिलचट्टे पसरे हैंअगर सौभाग्यवश कोई ख़ुशी कहीं दिखती भी हैशहर में महामारी हैशहर की तमाम गलियाँ रविवार मेंएक डॉक्टर की मौत के बादपेटफाड़ पोस्टमार्टम के दौरानVideos on आयुष झा
Loading videos…
Books by आयुष झा
Loading books…








