मॉब लिंचिंग

आयुष झाआयुष झा

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एक अकेले चूहे के गले में सौ बिल्लियाँ मिलकर बाँधेगी घंटी

और जो जन्म से ही चूहा है वो बिल्ली होने की मौत मारा जाएगा

अदालत बिल्लियों को चूहा मानकर रिहा कर देगी

सरकार वीरता के लिए पुरस्कृत करेगी

और भीड़ फूलमाला पहनाके कंधे पर बिठा

करेगी मेघनाद :

गणपति बप्पा मोरिया

मरने वाले को मिलेंगे परवरिश की ख़ातिर

क़ब्र में अच्छे दिन

और पहनने-ओढ़ने के लिए :

भारत माता की जय!

आयुष झा
About the poet

आयुष झा

नई पीढ़ी के कवि-लेखक।

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