एक पूरी दुनिया आग के दरिया में कूद
तैराकी सीख रही है
जो डूबने से बचे वे फफोले से मरेंगे
जिस किसी ने फफोलों के साथ जीना सीख लिया
ज़िंदगी उसे मछली होने तक ऑक्सीजन प्रदान करेगी
और फिर एक दिन तथाकथित जिजीविषा में
बंसी फँसाकर
किनारे की ओर खींच लेगी।
मुझे नहीं पता कि हम दुख और असफलता
और मृत्यु का नाम सुनते ही
इस क़दर भयभीत क्यों हो उठते हैं
कि हर दृश्य क़दम दर क़दम
साँसों की सौदेबाज़ी करता है
कि कोई अदृश्य जीवन का प्रलोभन देकर
हमसे हमारी मौत तक छीन जाता है।








