तुमने कहा कि ब्याह की सबसे बड़ी ख़ुशी
तुम्हें यह है
कि तुम्हें यहाँ से किसी दूसरी जगह
जाने का अवसर मिलेगा
इससे सच्ची बात
इस घर में तुम नहीं कह सकती थी
तुम पता नहीं जानती या नहीं
बाहर का संसार केवल सदिच्छाओं में सुखी है
वहाँ पर भी आते ही हैं
मृत्यु, अवसाद और विलाप के मौसम
तुम पता नहीं जानती हो या नहीं
इससे झूठी बात अभी
मैं नहीं कह सकता
वहाँ पिता भी हैं भाई भी
बहन भी माई भी
एक विस्तृत संसार भी
जहाँ जाने की इच्छा तुमने कभी की नहीं
बस एक अमूर्त दूर रहा तुम्हारी इच्छा
तो सहानों से उकताना करो बंद
और कर लो सिंगार पूरे मन से
सँवर कर जाओ
और कभी-कभी लौट भी आओ
बहुत ऊँची दीवारों वाले इस घर में
अच्छा?








