About आदित्य शुक्ल
आदित्य शुक्ल 1991 देवरिया, उत्तर प्रदेश नई पीढ़ी के कवि, लेखक और अनुवादक। Aditya Shukla 1991 Deoria, Uttar Pradesh A new generation of poets, writers and translators.
Selected Quotes
Poetry & Stories
सब कुछ अगर झूठ हो तो भी बचा रहता है थोड़ा-सा सच
सब कुछ अगर झूठ हो तो भी बचा रहता है थोड़ा-सा सचसभी अगर भूल जाएँ तो भी कभी-कभी करता है कोई याद
आवश्यक सूचनाएँ
एकइश्तिहार के लिए बोर्ड ख़ाली है
ये वाक्य एक कविता होना चाहते हैं
ये वाक्य एक कविता होना चाहते हैं। यह अनुच्छेद एक पत्र, एक प्रेम-पत्र होना चाहता है। ये सभी वाक्य तुम्हारी स्मृतियों का रक्तस्राव हैं। ये अनुच्छेद असफलताओं की दस्तावेज़ हैं। हम भाषा और आकांक्षाओं के अपने-अपने सीमांत पर खड़े एक-दूसरे को दूर से देख रहे हैं। क्या हम अपनी भाषा और आकांक्षाओं के सीमांत को पार नहीं कर सकते?आज दिन—शनिवार।
पृथ्वी पर
उन सभी बातों के शब्द याद आते हैं जो किसी ने कहे ही नहींउन सभी लोगों के स्पर्श होते हैं महसूस जो कहीं हैं ही नहीं
नींद ही है कि सच है
अधखुली आँखों से टपकती है नींद ,बिस्तर रेशमी होता जाता है।
About आदित्य शुक्ल
आदित्य शुक्ल
1991 देवरिया, उत्तर प्रदेश
नई पीढ़ी के कवि, लेखक और अनुवादक।
Aditya Shukla
1991 Deoria, Uttar Pradesh
A new generation of poets, writers and translators.
आदित्य शुक्ल: Quick Answers
Who is आदित्य शुक्ल?
आदित्य शुक्ल 1991 देवरिया, उत्तर प्रदेश नई पीढ़ी के कवि, लेखक और अनुवादक। Aditya Shukla 1991 Deoria, Uttar Pradesh A new generation of poets, writers and translators.
When was आदित्य शुक्ल born?
आदित्य शुक्ल was born on 27 September 1991. Associated place: देवरिया, उत्तर प्रदेश.
Where can I read आदित्य शुक्ल's poetry?
Kavishala has 19 poems and stories by आदित्य शुक्ल, free to read on this page, along with selected quotes you can share.
Poems & Stories by आदित्य शुक्ल
सब कुछ अगर झूठ हो तो भी बचा रहता है थोड़ा-सा सच
सब कुछ अगर झूठ हो तो भी बचा रहता है थोड़ा-सा सचसभी अगर भूल जाएँ तो भी कभी-कभी करता है कोई याद
आवश्यक सूचनाएँ
एकइश्तिहार के लिए बोर्ड ख़ाली है
ये वाक्य एक कविता होना चाहते हैं
ये वाक्य एक कविता होना चाहते हैं। यह अनुच्छेद एक पत्र, एक प्रेम-पत्र होना चाहता है। ये सभी वाक्य तुम्हारी स्मृतियों का रक्तस्राव हैं। ये अनुच्छेद असफलताओं की दस्तावेज़ हैं। हम भाषा और आकांक्षाओं के अपने-अपने सीमांत पर खड़े एक-दूसरे को दूर से देख रहे हैं। क्या हम अपनी भाषा और आकांक्षाओं के सीमांत को पार नहीं कर सकते?आज दिन—शनिवार।
पृथ्वी पर
उन सभी बातों के शब्द याद आते हैं जो किसी ने कहे ही नहींउन सभी लोगों के स्पर्श होते हैं महसूस जो कहीं हैं ही नहीं
नींद ही है कि सच है
अधखुली आँखों से टपकती है नींद ,बिस्तर रेशमी होता जाता है।
जब मैं नदी था
जब मैं पर्वतों पर थाहरे पेड़, रंगहीन पत्थरों के बीच
मेरे अंदर
मेरे अंदर एक मरा हुआ काफ़्का हैजो शाम को लिखने की टेबल पर बैठ अपनी गर्दन खुजाता है,
पिता के संदर्भ में
पिता के संदर्भ एक चिट्ठी हैटेबल पर रखी
तुम दरवाज़े पर खड़ी हो
तुम दरवाज़े पर खड़ी होतुम्हारा चेहरा दिख रहा है
बस-स्टैंड पर
बस-स्टैंड पर लोग बातें कर रहे हैंऔर हो रही है बारिश।
हर देह सुंदर होती है
हर देह सुंदर होती हैहर मुस्कान पवित्र—
एक अदद बंदूक़ की ज़रूरत
मैं इतना अच्छा आदमी हूँ कि सनक गया हूँअँधेरे में मुझे आता देख एक साठ साला औरत अपना आँचल सँभालती है
Selected Quotes by आदित्य शुक्ल (चुनिंदा उद्धरण)
लेकिन प्रेम को लेकर मुझमे सैमुएल बेकेट की उस कविता जितनी प्रतिबद्धता नहीं है।पिता के संदर्भ एक चिट्ठी हैटेबल पर रखीजब मैं पर्वतों पर थाहरे पेड़, रंगहीन पत्थरों के बीचबस-स्टैंड पर लोग बातें कर रहे हैंऔर हो रही है बारिश।मैं इतना अच्छा आदमी हूँ कि सनक गया हूँअँधेरे में मुझे आता देख एक साठ साला औरत अपना आँचल सँभालती हैसब कुछ अगर झूठ हो तो भी बचा रहता है थोड़ा-सा सचसभी अगर भूल जाएँ तो भी कभी-कभी करता है कोई यादVideos on आदित्य शुक्ल
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