आवश्यक सूचनाएँ

आदित्य शुक्लआदित्य शुक्ल27 Sept 1991

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एक

इश्तिहार के लिए बोर्ड ख़ाली है
किराए के लिए घर
चलने के लिए सड़क
खाने के लिए रेस्तराँ
जलने के लिए शमशान
आप किधर जा रहे हैं? 
नीचे दिए फ़ोन नंबर पर संपर्क करें।

दो

मौसम बदल चुका है
आदमी की नीयत भी
पहले बकरे से काम चला लेने वाला आदमी
आदमख़ोर हो गया है—
हरामज़ादा।

तीन

सूखी पत्तियाँ मुझ पर गिरती हैं
फूल नहीं गिरते।

फूल सड़क पर बीच में गिरते हैं
कारों-ट्रकों से कुचल दिए जाने के लिए।

चार

इस साल मुझ पर बहुत विपदाएँ आईं
उनमें से एक कि मैंने बैंक में नौकरी कर ली।

पाँच

अगर तुम नहीं आओगी
तो तुम्हारे आने का इंतिज़ार करूँगा
लेकिन अगर तुम नहीं आई
फिर?

छह

मैंने एक सवाल पूछा,
सवाल पलट कर मुझे घूरने लगा।

सात

मेरे लिए एक तकलीफ़ हूँ मैं।

आदित्य शुक्ल
About the poet

आदित्य शुक्ल

आदित्य शुक्ल 1991 देवरिया, उत्तर प्रदेश नई पीढ़ी के कवि, लेखक और अनुवादक। Aditya Shukla 1991 Deoria, Uttar Pradesh A new generation of poets, writers and translators.

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