Selected Quotes
Poetry & Stories
राजेश शर्मा की आत्महत्या
लखनऊ में राजेश की आत्महत्या से पहलेहम बहुत सारे कवि-लेखक
कार्यकर्ता से
जिसने भी लिया हो मुझसे बदलावह उसे दे जाए
प्रार्थना
फलो!ग़रीब और कमज़ोर बच्चों के लिए
उस दिन का जंगल
पिछले पतझर में हम कितने रोशन थे जैसे उजाले के दो पेड़घास बड़ी होती है तो आपस में दोस्त हो जाती है
आऊँगा
नए अनाज की ख़ुशबू का पुल पार करकेमैं तुम्हारे पास आऊँगा
लीलाधर जगूड़ी: Quick Answers
When was लीलाधर जगूड़ी born?
लीलाधर जगूड़ी was born on 1 September 1940. Associated place: धंगण गाँव, टिहरी जिला, उत्तराखंड, भारत.
Where can I read लीलाधर जगूड़ी's poetry?
Kavishala has 17 poems and stories by लीलाधर जगूड़ी, free to read on this page, along with selected quotes you can share.
Poems & Stories by लीलाधर जगूड़ी
राजेश शर्मा की आत्महत्या
लखनऊ में राजेश की आत्महत्या से पहलेहम बहुत सारे कवि-लेखक
कार्यकर्ता से
जिसने भी लिया हो मुझसे बदलावह उसे दे जाए
प्रार्थना
फलो!ग़रीब और कमज़ोर बच्चों के लिए
उस दिन का जंगल
पिछले पतझर में हम कितने रोशन थे जैसे उजाले के दो पेड़घास बड़ी होती है तो आपस में दोस्त हो जाती है
आऊँगा
नए अनाज की ख़ुशबू का पुल पार करकेमैं तुम्हारे पास आऊँगा
अनचाहा मैं
कोलईं की शाख हिलीखिड़की के पर्दे से झोंकों की बात चली!
मातृमुख
रात के बारह पैंतीस पर आस-पास कोई ऋतु नहीं हैअँधेरे के पंजे से छूटी हुई कोई ऋतु
अपराध
जहाँ-जहाँ पर्वतों के माथे थोड़ा चौड़े हो गए हैंवहीं-वहीं बैठेंगे फूल उगने तक
अँधेरे में वसंत
दिन की क़लम और मौसम के फूलअँधेरा मुझे वसंत की तरह भोग रहा है
बची हुई पृथ्वी
आज का दिन इस घाटी में मेरा दूसरा दिन हैऔर एक-एक कण की रणगाथा से भरी समुद्र-सहित तैरती यह पृथ्वी
बोलने से पहले
मुझे काम हैसरल भाषा बोलना
दूर
बहाती हुई। आज और कलहमारे खेतों के पास से नदी
Selected Quotes by लीलाधर जगूड़ी (चुनिंदा उद्धरण)
नए अनाज की ख़ुशबू का पुल पार करकेमैं तुम्हारे पास आऊँगाजिसने भी लिया हो मुझसे बदलावह उसे दे जाएरात के बारह पैंतीस पर आस-पास कोई ऋतु नहीं हैअँधेरे के पंजे से छूटी हुई कोई ऋतुलखनऊ में राजेश की आत्महत्या से पहलेहम बहुत सारे कवि-लेखकआज का दिन इस घाटी में मेरा दूसरा दिन हैऔर एक-एक कण की रणगाथा से भरी समुद्र-सहित तैरती यह पृथ्वीजहाँ-जहाँ पर्वतों के माथे थोड़ा चौड़े हो गए हैंवहीं-वहीं बैठेंगे फूल उगने तकVideos on लीलाधर जगूड़ी
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