मुझे काम है
सरल भाषा बोलना
सरल भाषा बोलना
बहुत कठिन काम है
जैसे कोई पूछे
ठीक-ठाक बोलो
तुम्हारा क्या नाम है
और वह बिना डरे बोल जाए
तो इनाम है।
मुझे काम है
सरल भाषा बोलना
सरल भाषा बोलना
बहुत कठिन काम है
जैसे कोई पूछे
ठीक-ठाक बोलो
तुम्हारा क्या नाम है
और वह बिना डरे बोल जाए
तो इनाम है।

लखनऊ में राजेश की आत्महत्या से पहलेहम बहुत सारे कवि-लेखक
जिसने भी लिया हो मुझसे बदलावह उसे दे जाए
फलो!ग़रीब और कमज़ोर बच्चों के लिए
पिछले पतझर में हम कितने रोशन थे जैसे उजाले के दो पेड़घास बड़ी होती है तो आपस में दोस्त हो जाती है
नए अनाज की ख़ुशबू का पुल पार करकेमैं तुम्हारे पास आऊँगा