About लक्ष्मण गुप्त
नई पीढ़ी के कवि-ग़ज़लकार। निम्नमध्यवर्गीय संवेदना के लिए उल्लेखनीय। मूल नाम : लक्ष्मण गुप्त जन्म : 03/01/1983 | पूर्वी चंपारण, बिहार
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About लक्ष्मण गुप्त
नई पीढ़ी के कवि-ग़ज़लकार। निम्नमध्यवर्गीय संवेदना के लिए उल्लेखनीय।
मूल नाम : लक्ष्मण गुप्तजन्म : 03/01/1983 | पूर्वी चंपारण, बिहार
नई पीढ़ी के कवि-ग़ज़लकार। निम्नमध्यवर्गीय संवेदना के लिए उल्लेखनीय। लक्ष्मण गुप्त was born on 3 January 1983. Associated place: पूर्वी चंपारण, बिहार. Kavishala has 15 poems and stories by लक्ष्मण गुप्त, free to read on this page, along with selected quotes you can share.लक्ष्मण गुप्त: Quick Answers
Who is लक्ष्मण गुप्त?
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Poems & Stories by लक्ष्मण गुप्त
जीवन और मृत्यु
जीवन कितना हल्का होता हैकिसी आदमी को
विहान
जिन्हें उजाले से प्यार है,जो अँधेरे में भय खाते हैं,
जिसे वे बचा देखना चाहते हैं
घर पहुँचते हीमेरी बेटी निकाल लेती है डायरी
धीरे-धीरे बनाम जल्दी-जल्दी
धीरे-धीरेचढ़ती हैं आवाज़ें
चले गए लोग
चले गए वे लोगअपने जीवन से थककर नहीं
रुख़साना
उसके दोनों कंधों परबेहद ख़ुशी-ख़ुशी बैठते हैं वे
उसके निशाने पर
वो जो हाथ में लिए पत्थरदुनिया को ललकार रहा है
वह तोड़ना जानती है
जब भी घर मेंकहीं कुछ भी टूटने की
यह वृक्षों की सामूहिक हत्या का भी दौर है
एकसिर्फ़
इसे व्यक्ति का नहीं, राष्ट्र का नुक़सान माना जाए
एकसालों से मैं दूर रहा अपने घर से
गवाही देने आएगा डूबा हुआ सूरज
जो कुछ भी हो रहा हैवह बिला जाएगा
प्रेम
एकतुम्हारा आकर्षण
Selected Quotes by लक्ष्मण गुप्त (चुनिंदा उद्धरण)
जो कुछ भी हो रहा हैवह बिला जाएगाजीवन कितना हल्का होता हैकिसी आदमी कोउसके दोनों कंधों परबेहद ख़ुशी-ख़ुशी बैठते हैं वेधीरे-धीरेचढ़ती हैं आवाज़ेंचले गए वे लोगअपने जीवन से थककर नहींवो जो हाथ में लिए पत्थरदुनिया को ललकार रहा हैVideos on लक्ष्मण गुप्त
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