जिन्हें उजाले से प्यार है,
जो अँधेरे में भय खाते हैं,
जिन्होंने कभी रात से गुफ़्तुगू नहीं की,
नहीं किया इश्क़ तन्हा होकर
किसी तारे से
उनके सामने खड़ी करो,
कोई स्त्री
वह बताएगी अपनी भाषा में
सूरज उगने का अर्थ—
डूब जाना
मध्यरात्रि का मतलब—
विहान!
जिन्हें उजाले से प्यार है,
जो अँधेरे में भय खाते हैं,
जिन्होंने कभी रात से गुफ़्तुगू नहीं की,
नहीं किया इश्क़ तन्हा होकर
किसी तारे से
उनके सामने खड़ी करो,
कोई स्त्री
वह बताएगी अपनी भाषा में
सूरज उगने का अर्थ—
डूब जाना
मध्यरात्रि का मतलब—
विहान!

नई पीढ़ी के कवि-ग़ज़लकार। निम्नमध्यवर्गीय संवेदना के लिए उल्लेखनीय। मूल नाम : लक्ष्मण गुप्त जन्म : 03/01/1983 | पूर्वी चंपारण, बिहार
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