एक
तुम्हारा आकर्षण
आँखों में आबाद रहा
सूरज की सवारी करते हुए
जब सूरज थककर सो गया
रात की गोद में
आँखों का जादू जाता रहा
दो
मेरी देह पर नमक लादकर
तुमने मुझे
सूरज के आगे खड़ा कर दिया
मैं तुम्हारा गीत गाते हुए
मुस्कुराता रहा
तीन
एक रात
अँधेरों के सामने
मेरे बदन में शामिल
सूरज के टुकड़े को
पिघलाया
तुमने
और मैं हमेशा के लिए
शीत का पर्याय बन गया!








