दिल तो करता है ख़ैर करता है - कुमार विश्वास

Kumar VishwasKumar Vishwas10 Feb 1970

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दिल तो करता है ख़ैर करता है 

आप का ज़िक्र ग़ैर करता है 

क्यूँ न मैं दिल से दूँ दुआ उस को 

जबकि वो मुझ से बैर करता है 

आप तो हू-ब-हू वही हैं जो 

मेरे सपनों में सैर करता है 

इश्क़ क्यूँ आप से ये दिल मेरा 

मुझ से पूछे बग़ैर करता है 

एक ज़र्रा दुआएँ माँ की ले 

आसमानों की सैर करता है 

Kumar Vishwas
About the poet

Kumar Vishwas

Kumar Vishwas is a celebrated Indian poet and he is on the National Executive of Aam Aadmi Party. He has recited his poetry widely in India and also in USA, Singapore, Japan, and Dubai. He has been awarded certificate of recognition by California State Assemb…

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