आमा की आँखें

हरि मृदुलहरि मृदुल

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आमा-1सी ही है
आमा की सुई
कितनी तो पुरानी
कमर झुकी हुई

आमा अब नहीं रहीं
बख़ूबी बटन टाँक सकती है लेकिन
अब भी आमा की यह सुई
मुझे इस सुई के छेद में दिखाई देती हैं
आमा की दोनों आँखें

हरि मृदुल
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