आमा-1सी ही है
आमा की सुई
कितनी तो पुरानी
कमर झुकी हुई
आमा अब नहीं रहीं
बख़ूबी बटन टाँक सकती है लेकिन
अब भी आमा की यह सुई
मुझे इस सुई के छेद में दिखाई देती हैं
आमा की दोनों आँखें
आमा-1सी ही है
आमा की सुई
कितनी तो पुरानी
कमर झुकी हुई
आमा अब नहीं रहीं
बख़ूबी बटन टाँक सकती है लेकिन
अब भी आमा की यह सुई
मुझे इस सुई के छेद में दिखाई देती हैं
आमा की दोनों आँखें

सचमुच इतनी ऊँची इमारतें हैं किदेखने वाले की टोपी गिरने का क़िस्सा
दुनिया की सबसे सुरीली आवाज़जो तुम्हें सुनाई दे रही है
वाह रेडियो! तुम तो सचमुचबड़े ग़ज़ब के निकले यार
सात साल के बेटे का सवाल सुनकरसोच में पड़ गया मैं
इस विकट कोरोना काल का एक कातर क्षणपंखा सरसरा रहा है