About फ़ीरोज़ा यासमीन
जन्म : भोपाल, मध्य प्रदेश
Selected Quotes
Poetry & Stories
उन का अंदाज़-ए-बयाँ और असर तो देखो
उन का अंदाज़-ए-बयाँ और असर तो देखोगुफ़्तुगू का ये सलीक़ा ये हुनर तो देखो
उन का वा'दा वफ़ा नहीं होता
उन का वा'दा वफ़ा नहीं होतादिल कि फिर भी ख़फ़ा नहीं होता
लब पे हर वक़्त ये गिला क्या है
लब पे हर वक़्त ये गिला क्या हैऐसे जीने में फिर मज़ा क्या है
जल गया आशियाँ रहा क्या है
जल गया आशियाँ रहा क्या हैअब तमाशा सा ऐ सबा क्या है
रिश्ते - नज़्म
नाज़ुक हो गए हैं रिश्तेटूट रहे हैं धागे की तरह
About फ़ीरोज़ा यासमीन
जन्म :भोपाल, मध्य प्रदेश
फ़ीरोज़ा यासमीन: Quick Answers
Who is फ़ीरोज़ा यासमीन?
जन्म : भोपाल, मध्य प्रदेश
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Poems & Stories by फ़ीरोज़ा यासमीन
उन का अंदाज़-ए-बयाँ और असर तो देखो
उन का अंदाज़-ए-बयाँ और असर तो देखोगुफ़्तुगू का ये सलीक़ा ये हुनर तो देखो
उन का वा'दा वफ़ा नहीं होता
उन का वा'दा वफ़ा नहीं होतादिल कि फिर भी ख़फ़ा नहीं होता
लब पे हर वक़्त ये गिला क्या है
लब पे हर वक़्त ये गिला क्या हैऐसे जीने में फिर मज़ा क्या है
जल गया आशियाँ रहा क्या है
जल गया आशियाँ रहा क्या हैअब तमाशा सा ऐ सबा क्या है
रिश्ते - नज़्म
नाज़ुक हो गए हैं रिश्तेटूट रहे हैं धागे की तरह
इंतिज़ार ही इंतिज़ार - नज़्म
एक चाँदनी रात थीहुस्न की बारात थी
उम्मीद - नज़्म
ऐ उमीद आ मिरे गले लग जाकौन मेरा है जग में तेरे सिवा
नया साल - नज़्म
है अंदाज़-ए-नीम-सहर निराला आजहँस हँस के ग़ुंचों को गुदगुदाया आज
नज़्र-ए-इक़बाल - नज़्म
वो इक मुफ़क्किर-ए-अज़ीम शाइ'रथा वो इक़बाल शाइ'रों का
फ़रिश्ता कोई न मुझे रोक सके - नज़्म
तेरा चेहरा झील में खिलता हुआ कँवल हो जैसेचाँद पानी में उतर आया हो जैसे
मेरा वतन हिन्दोस्तान - नज़्म
ऐ मेरे प्यारे वतन हिन्दोस्तानहै बहुत दिलचस्प तेरी दास्तान
ज़िंदगी में उमंग - नज़्म
चटकते हैं ग़ुंचेमहकती है चमेली
Selected Quotes by फ़ीरोज़ा यासमीन (चुनिंदा उद्धरण)
वो इक मुफ़क्किर-ए-अज़ीम शाइ'रथा वो इक़बाल शाइ'रों काचटकते हैं ग़ुंचेमहकती है चमेलीऐ मेरे प्यारे वतन हिन्दोस्तानहै बहुत दिलचस्प तेरी दास्ताननाज़ुक हो गए हैं रिश्तेटूट रहे हैं धागे की तरहएक चाँदनी रात थीहुस्न की बारात थीतेरा चेहरा झील में खिलता हुआ कँवल हो जैसेचाँद पानी में उतर आया हो जैसेVideos on फ़ीरोज़ा यासमीन
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