कितने विचार और दुलार के बाद
इंद्र नाम रखा गया होगा
हिंदू धर्म संहिता में इंद्र
पानी के ही देवता कहे गए हैं
गाँव-जवार में जब भी सूखा पड़ा
इंद्र देव से ही गुहार लगाई गई
स्त्रियाँ, बूढ़े-बच्चे सभी जाति से परे
एक स्वर में इंद्र का आह्वान करते
उसी हिंदू धर्म का एक बच्चा इंद्र
प्यास से बेचैन होकर
पानी के मटके तक पहुँच गया
जान पर बन आई उसकी प्यास
उसे पीट-पीट कर मार डाला
एक सामंती ठसक ने
वह बच्चा इतना अबोध था
समझ ही न पाया
उस पानी पर एकाधिकार था
हिंदू धर्म के उस मठाधीश का
जिसका मटका अभिमंत्रित था
हिंदू संहिता की वर्ण-व्यवस्था से
मटके में पानी अभी भी भरा था
लेकिन, कुछ नहीं हो सकता
जब मर चुका हो आँखों का पानी
अपने बच्चे की लाश निहारते हुए
कलप रही थी इंद्र की माँ








