About धीरेंद्र
नई पीढ़ी के कवि-लेखक।
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धीरेंद्र: Quick Answers
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Kavishala has 9 poems and stories by धीरेंद्र, free to read on this page, along with selected quotes you can share.
Poems & Stories by धीरेंद्र
ईश्वर
हम गले मिलेजैसे गले मिलते हैं
मालिक
धूल के ग़ुबार को देखाउसमें चीख़ते संसार को देखा
लूप
जैसा सोचा वैसा हुआ नहींइतनी आसानी से तो कुछ भी होता नहीं
सबसे उजला चाँद
आज जब चाँद को देखता हूँतो थोड़ा कम चाँद लगता है
अपरदन
मेरा 'प्रिविलेज' बोगनवेलिया से प्रेम कर पाना थावे मुझे समझाते रहे
पुणे-मुंबई
क़रीब रहकर तुमसेसोचता हूँ काश तुम क़रीब होतीं
होमवर्क
ईरानी फ़िल्मकार जफ़र पनाही के चश्मे से निकलसफ़ेद ग़ुब्बारे ने देखा
आज्जी
दिन की शुरुआत अजीबकचरा कोई और ले गया
नींद
नींद आने से लेकर जगनाएक सुखद भ्रमण है
Selected Quotes by धीरेंद्र (चुनिंदा उद्धरण)
ईरानी फ़िल्मकार जफ़र पनाही के चश्मे से निकलसफ़ेद ग़ुब्बारे ने देखादिन की शुरुआत अजीबकचरा कोई और ले गयामेरा 'प्रिविलेज' बोगनवेलिया से प्रेम कर पाना थावे मुझे समझाते रहेधूल के ग़ुबार को देखाउसमें चीख़ते संसार को देखाक़रीब रहकर तुमसेसोचता हूँ काश तुम क़रीब होतींहम गले मिलेजैसे गले मिलते हैंVideos on धीरेंद्र
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