आसित आदित्य, poet
Sootradhar · Author

आसित आदित्य

आसित आदित्य

ग़ाज़ीपुर, उत्तर प्रदेश

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About आसित आदित्य

नई पीढ़ी के कवि-लेखक और अनुवादक।

Selected Quotes

जिसकी नंग-धड़ंग नाख़ूनों के ख़रोचों से सजाई गई लाशभोरे-भोर तुम्हें भुतही बसवाड़ी के पास मिली है,
— आसित आदित्य
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चलना, चलना और चलनाफिर एक ठोकर का लगना और बैठ जाना...
— आसित आदित्य
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