बचाकर रखना कुछ उम्मीदें

खेमकरण ‘सोमन’खेमकरण ‘सोमन’2 Jun 1984

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बचाकर रखना अपना विश्वास

ताकि विश्वास खोया हुआ आदमी समझ सके

विश्वास खोने का अर्थ

बचाकर रखना कुछ उम्मीदें

ताकि दुनिया को ख़ूबसूरत बनाने की उम्मीदें

कभी ख़त्म न हों

बचाकर रखना अपनी बातें

ताकि बात कर सको तुम उदास लोगों से

मेरे दोस्त!

विश्वास, उम्मीद और बात खोने से

खो देता है आदमी भी

ख़ुद को।

खेमकरण ‘सोमन’
About the poet

खेमकरण ‘सोमन’

नई पीढ़ी के कवि-लेखक। 'नई दिल्ली दो सौ बत्तीस किलोमीटर' चर्चित कविता-संग्रह। मूल नाम : खेमकरण ‘सोमन’ जन्म : 02/06/1984 | नैनीताल, उत्तराखंड

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