ज़िंदा हूँ
ज़िंदा रहूँगा
कम से कम उतने दिन ज़िंदा रहा जा सकता है
दिन भर में अगर हो
एक शिशु के साथ मुस्कान का विनिमय…
ज़िंदा हूँ
ज़िंदा रहूँगा
कम से कम उतने दिन ज़िंदा रहा जा सकता है
दिन भर में अगर हो
एक शिशु के साथ मुस्कान का विनिमय…

यह छाया, सुनिविड़ संतान है तुम्हारीऔर फल—तुम्हारा पतन;
सिरहाने मृत्यु की छाप नहीं आती है जब तकउससे पहले जानता हूँ तुम नहीं रुकोगी स्मृति।
लगता है पृथ्वी में समस्त दृश्य ही है पुनरावृत्तियों कामनुष्य रहेगा बैठा, घास पर उसका प्रेम
आगामी वसंत में हो सकता हूँ मैं और भी अधिक नष्ट—रहस्यमय प्रकाश, प्रीतिमय पाप की प्रतीक्षा से
एक दिनएक चिड़िया के बराबर