About फ़रीद ख़ाँ
फ़रीद ख़ाँ
Selected Quotes
Poetry & Stories
माफ़ी
सबसे पहले मैं माफ़ी माँगता हूँ हज़रत हौव्वा से।मैंने ही अफ़वाह उड़ाई थी कि उस ने आदम को बहकाया था
अम्मी का चूल्हा
मैं उस समय की बात कर रहा हूँ जब कोयले के चूल्हे जलते थे,और छप्पर से धुँआ उठता था।
नानी का चश्मा
आसमान में टिम टिमाती नानी हँसती होंगी हमारे बचपने पर।हाँ!
महादेव
जैसे-जैसे सूरज निकलता है,नीला होता जाता है आसमान।
पका बाघ
कंस्ट्रक्शन साइट पर एक आदिवासी औरत पका रही थी रोटी।उसका बेटा रोटी खाने से कर रहा था इनकार।
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फ़रीद ख़ाँ: Quick Answers
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फ़रीद ख़ाँ
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Poems & Stories by फ़रीद ख़ाँ
माफ़ी
सबसे पहले मैं माफ़ी माँगता हूँ हज़रत हौव्वा से।मैंने ही अफ़वाह उड़ाई थी कि उस ने आदम को बहकाया था
अम्मी का चूल्हा
मैं उस समय की बात कर रहा हूँ जब कोयले के चूल्हे जलते थे,और छप्पर से धुँआ उठता था।
नानी का चश्मा
आसमान में टिम टिमाती नानी हँसती होंगी हमारे बचपने पर।हाँ!
महादेव
जैसे-जैसे सूरज निकलता है,नीला होता जाता है आसमान।
पका बाघ
कंस्ट्रक्शन साइट पर एक आदिवासी औरत पका रही थी रोटी।उसका बेटा रोटी खाने से कर रहा था इनकार।
सो गए
वे सरकार की लाज बचाने के लिएट्रेन की पटरी पर सो गए और कट गए।
ताली
एक ताली हमारी नाकामी के लिए।माफ़ कीजिए, एक ताली हमारी नाकामी को ढँकने के लिए।
हम भारत के लोग
मैं चूँकि नागरिक हूँ अपने देश का।मैं देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर आसीन हूँ।
सपनों की लाशें
शायद हम एक ऐसी दुनिया से विदा लेंगे जहाँ,क़ातिल ख़ुद से ही बरी कर लेता है ख़ुद को।
प्रधानमंत्री जी
अगर यह भी तय हो जाए कि अब से मूर्तियाँ ही तोड़ी जाएँगी दंगों में,मैं इस तोड़-फोड़ का समर्थन करूँगा।
अफ़वाहों की पलटन
अफ़वाहों की पलटन उतरी।उसने घेर लिया पूरे मुहल्ले को।
दादा जी साइकिल वाले
मैं ज्यों-ज्यों बड़ा होता गया,मेरी साइकिल की ऊँचाई भी बढ़ती गई।
Selected Quotes by फ़रीद ख़ाँ (चुनिंदा उद्धरण)
मैं ज्यों-ज्यों बड़ा होता गया,मेरी साइकिल की ऊँचाई भी बढ़ती गई।जैसे-जैसे सूरज निकलता है,नीला होता जाता है आसमान।मैं उस समय की बात कर रहा हूँ जब कोयले के चूल्हे जलते थे,और छप्पर से धुँआ उठता था।शायद हम एक ऐसी दुनिया से विदा लेंगे जहाँ,क़ातिल ख़ुद से ही बरी कर लेता है ख़ुद को।मैं चूँकि नागरिक हूँ अपने देश का।मैं देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर आसीन हूँ।एक ताली हमारी नाकामी के लिए।माफ़ कीजिए, एक ताली हमारी नाकामी को ढँकने के लिए।Videos on फ़रीद ख़ाँ
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