पका बाघ

फ़रीद ख़ाँफ़रीद ख़ाँ

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कंस्ट्रक्शन साइट पर एक आदिवासी औरत पका रही थी रोटी।

उसका बेटा रोटी खाने से कर रहा था इनकार।

उसे चाहिए था बाघ।

उस औरत ने लोई से बनाया एक बाघ और चूल्हे में पकाया।

गर्म और पका हुआ चूल्हे से निकला बाघ।

बच्चे ने पूरा का पूरा बाघ एक साथ डाल लिया मुँह में,

और उसका चेहरा हो गया लाल।

बच्चे को देखकर औरत को अपने पति की याद आ गई।

जो मारा गया था, जंगल के पेड़ बचाते हुए।

औरत की छाती में उमड़ आया प्यार।

फ़रीद ख़ाँ
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