कल रात लगा
मृत्यु आ रही है
बाएँ हाथ की छोटी उँगली पर
उसने दस्तक दी
बिस्तर साफ़ किया
पैसे सँभाले
काग़ज़ और चाबियाँ मेज़ पर रख दीं
रात भर प्रतीक्षा की
नींद आई न मृत्यु
कल रात लगा
मृत्यु आ रही है
बाएँ हाथ की छोटी उँगली पर
उसने दस्तक दी
बिस्तर साफ़ किया
पैसे सँभाले
काग़ज़ और चाबियाँ मेज़ पर रख दीं
रात भर प्रतीक्षा की
नींद आई न मृत्यु

सुपरिचित कवयित्री। मूल नाम : चंपा वैद जन्म : 13/09/1930 | पंजाब निधन : 23/07/2017
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