एक वास्तविकता के पास आते हुए
कुछ वाक्य
कुछ शब्द
कुछ साँसें
मिलकर झूम उठते हैं
तैयार हैं मंत्र
संगीत
बनारसी साड़ी
कुमकुम
काजल
पायल
तुमको ही मान लेती हूँ
सुहाग
सौभाग्य...
एक वास्तविकता के पास आते हुए
कुछ वाक्य
कुछ शब्द
कुछ साँसें
मिलकर झूम उठते हैं
तैयार हैं मंत्र
संगीत
बनारसी साड़ी
कुमकुम
काजल
पायल
तुमको ही मान लेती हूँ
सुहाग
सौभाग्य...

नई पीढ़ी की सुपरिचित-सम्मानित बांग्ला कवि-गद्यकार-अनुवादक। बारह से अधिक पुस्तकें प्रकाशित। हिंदी में भी कविताएँ लिखती हैं।
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