शादी

बेबी शॉबेबी शॉ

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एक वास्तविकता के पास आते हुए

कुछ वाक्य

कुछ शब्द

कुछ साँसें

मिलकर झूम उठते हैं

तैयार हैं मंत्र

संगीत

बनारसी साड़ी

कुमकुम

काजल

पायल

तुमको ही मान लेती हूँ

सुहाग

सौभाग्य...

बेबी शॉ
About the poet

बेबी शॉ

नई पीढ़ी की सुपरिचित-सम्मानित बांग्ला कवि-गद्यकार-अनुवादक। बारह से अधिक पुस्तकें प्रकाशित। हिंदी में भी कविताएँ लिखती हैं।

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