दुनिया में इतनी भीड़ क्यों है!
सबको जाने को बोलो
सबको हटाओ
इतनी लाइट क्यों है
इतने दृश्य!
अनुभव!
इतने शे'र की भी ज़रूरत नहीं है
शब्दकोश खोलो
तीन शब्दों को रहने दो सिर्फ़
मैं
तुम
प्यार...
दुनिया में इतनी भीड़ क्यों है!
सबको जाने को बोलो
सबको हटाओ
इतनी लाइट क्यों है
इतने दृश्य!
अनुभव!
इतने शे'र की भी ज़रूरत नहीं है
शब्दकोश खोलो
तीन शब्दों को रहने दो सिर्फ़
मैं
तुम
प्यार...

नई पीढ़ी की सुपरिचित-सम्मानित बांग्ला कवि-गद्यकार-अनुवादक। बारह से अधिक पुस्तकें प्रकाशित। हिंदी में भी कविताएँ लिखती हैं।
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