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इतने भी
दृश्य
मत दिखाओ मुझे
अपने को खो दूँ
नई पीढ़ी की सुपरिचित-सम्मानित बांग्ला कवि-गद्यकार-अनुवादक। बारह से अधिक पुस्तकें प्रकाशित। हिंदी में भी कविताएँ लिखती हैं।
तुमने कभी नहीं सोचा थाकि तुम इतना रोओगे
सोचते हुएसोचते हुए
धीरे-धीरे तुम छू लेते होमेरे नयन
एक वास्तविकता के पास आते हुएकुछ वाक्य
इतनी सारी बाधाएँआ जाती हैं