ख़्वाब था या ख़याल था क्या था

मुसहफ़ी ग़ुलाम हमदानीमुसहफ़ी ग़ुलाम हमदानी

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ख़्वाब था या ख़याल था क्या था

हिज्र था या विसाल था क्या था

मेरे पहलू में रात जा कर वो

माह था या हिलाल था क्या था

चमकी बिजली सी पर न समझे हम

हुस्न था या जमाल था क्या था

शब जो दिल दो दो हाथ उछलता था

वज्द था या वो हाल था क्या था

जिस को हम रोज़-ए-हिज्र समझे थे

माह था या वो साल था क्या था

'मुसहफ़ी' शब जो चुप तू बैठा था

क्या तुझे कुछ मलाल था क्या था

मुसहफ़ी ग़ुलाम हमदानी
About the poet

मुसहफ़ी ग़ुलाम हमदानी

उपनाम : 'मुसहफ़ी' मूल नाम : शेख़ ग़ुलाम हमदानी जन्म : अमरोहा, उत्तर प्रदेश निधन : लखनऊ, उत्तर प्रदेश संबंधी : मुज़फ़्फ़र अली असीर (शिष्य), हैदर अली आतिश (शिष्य) LCCN : n85030564 ये हैं ग़ुलाम हमदानी मुसहफ़ी, जिनके काव्य परिचय के लिए ये अशआर काफ़ी हैं; शब-ए-हिज्र…

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