सितारों से आगे

Muhammad IqbalMuhammad Iqbal9 Nov 1877 – 21 Apr 1938

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सितारों से आगे जहाँ और भी हैं

अभी इश्क़ के इम्तिहाँ और भी हैं

तही ज़िंदगी से नहीं ये फ़ज़ाएँ

यहाँ सैकड़ों कारवाँ और भी हैं

क़नाअत न कर आलम-ए-रंग-ओ-बू पर

चमन और भी आशियाँ और भी हैं

अगर खो गया इक नशेमन तो क्या ग़म

मक़ामात-ए-आह-ओ-फ़ुग़ाँ और भी हैं

तू शाहीं है परवाज़ है काम तेरा

तिरे सामने आसमाँ और भी हैं

इसी रोज़ ओ शब में उलझ कर न रह जा

कि तेरे ज़मान ओ मकाँ और भी हैं

गए दिन कि तन्हा था मैं अंजुमन में

यहाँ अब मिरे राज़-दाँ और भी हैं

Muhammad Iqbal
About the poet

Muhammad Iqbal

Sir Allama Muhammad Iqbal, known as Allama Iqbal, was a poet, philosopher, theorist, and barrister in British India. He has been called the "Spiritual Father of Pakistan" for his contributions to the nation. Iqbal's poems, political contributions, and academi…

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