हाज़िरजवाब लोग
जवाब देने के बाद होते हैं निश्चिंत
उनके लिए तैयार होते हैं जवाब
जैसे जादूगर के बालों में छिपे रसगुल्ले
जादूगर बाद में बाल धोता होगा
अगले शो की तैयारी में फिर से रसगुल्ले रखता होगा
मैं हाज़िरजवाब नहीं हूँ
इसलिए नहीं कह पाया किसी महानायक को
सही-सही, सही वक़्त पर कि उसकी महानता में
कहीं से अँधेरे की बू आती है
मैं ताज़िंदगी सोचता रहा
कि बहुत ज़रूरी था
सही वक़्त पर सही बात कहना
कभी कहा ठीक तो किसी बच्चे से कहा
कि गिरने पर चोट उसे नहीं
उसकी धरती को लगी है
जो उसी के साथ हो रही है धीरे-धीरे बड़ी
कभी कहा ठीक तो किसी सपने से कहा
कि माफ़ कर देना
रख दिया तुम्हें अधूरा
बहुत चाहते हुए भी नहीं हो सका असाधारण
अचरज कि प्यार करते हैं मुझे सबसे ज़्यादा
बच्चे और सपने।








